जयपुर
रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को रेलवे के अस्पतालों में इलाज कराना और सुगम व बेहतर हो गया है। मरीजों के इलाज, दवाइयों से जुड़े रिकॉर्ड को रखने के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) की शुरुआत की गई है। इस सिस्टम से रेलवे अस्पतालों से दवाओं की चोरी भी पकड़ी जा सकेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक विजय शर्मा ने जयपुर के केंद्रीय चिकित्सालय में इस सिस्टम को शुरू किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के मुताबिक, HMIS के शुरू होने से अब मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। साथ ही जल्द से जल्द वह रजिस्ट्रेशन भी करा पाएंगे। इसके बाद उन्हें मोबाइल पर ओपीडी का नंबर मिलेगा और वह नंबर ओपीडी के बाहर लगी स्क्रीन पर डिस्प्ले होगा। ऐसे में किसी को लाइन में नहीं लगाना पड़ेगा और उनका नंबर डिस्प्ले होते ही वो डॉक्टर से परामर्श कर सकेगा।
सॉफ्टवेयर में रहेगी इलाज से जुड़ी जानकारी
मरीजों के इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी और दवाइओं की जानकारी भी सॉफ्टवेयर में ही रहेगी। जिससे मरीजों को आगे के इलाज में भी सुविधा होगी। ऑडियोमेट्री जांच सुविधा शुरू होने से मरीजों को इस जांच के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पर भी मजबूर नहीं होना पड़ेगा। महंगे इलाज और दवाइयों के लिए आसानी से इन-हाउस जांच के बाद, तुरंत इलाज करवाने में भी मदद मिलेगी।
ऑनलाइन होगा दवाओं का रिकॉर्ड
रेलवे के उच्च अधिकारियों द्वारा इसके माध्यम से दवाओं के स्टॉक पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। इस सिस्टम से रेलवे अस्पतालों से दवाओं की चोरी पर भी अंकुश लग सकेगा। ऐसी शिकायतें आ रहीं थीं कि कुछ दवाओं की खपत जरूरत से ज्यादा हो रही है। किसी को कम दवा जरूरत है तो भी उसे दवा के ज्यादा रैपर दिए जा रहे थे। ऐसी भी शिकायतें मिलीं कि कई अस्पताल कर्मी अधिकारियों को उन्हें घर पर भी कई दवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। तो वहीं कुछ इन्हें रिश्तेदारों में बांट रहे हैं और बाहर बिक्री भी कर रहे हैं। अब नए सिस्टम से इन पर रोक लग सकेगी। दवाओं का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा। अगर कोई अपनी दवाओं का पुराना रिकॉर्ड/इलाज (प्रिस्क्रिप्शन) लाना भी भूल जाता है, तो उसके नाम से डॉक्टर उसका पूर्व में किए जा रहे इलाज (प्रिस्क्रिप्शन) को ऑनलाइन देख सकेंगे और उसके इलाज में आगे बदलाव कर सकेंगे।
686 स्वास्थ्य इकाइयों में हो चुकी है HMIS की शुरूआत
रेल अधिकारियों के अनुसार कोरोना महामारी के हालात को देखते हुए, HMIS की शुरुआत की गई है और इसी के साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को अच्छा किया जा रहा है। भारतीय रेलवे में 686 स्वास्थ्य इकाइयों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) की शुरूआत की जा चुकी है। रेलवे के बाकी स्वास्थ्य संस्थानों पर भी यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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