ग्रेटर नोएडा के नंगला श्रीपदम गांव में दंपती और उनके तीन बच्चे घर में मृत मिले। रसोई में नूडल्स मिलने के बाद फूड पॉइजनिंग समेत कई पहलुओं की जांच जारी है।
ग्रेटर नोएडा। रात को पूरा परिवार खाना खाकर सोया था। सुबह हुई, लेकिन घर का दरवाजा नहीं खुला। न कोई बाहर आया, न भीतर से कोई आवाज सुनाई दी। पड़ोसियों को अनहोनी का शक हुआ तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। घर के भीतर दो बिस्तरों पर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे पड़े थे। पुलिस दरवाजा तोड़कर पहुंची, लेकिन पांचों की जान जा चुकी थी।
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नंगला श्रीपदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। मृतकों में 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और तीन नाबालिग बच्चे शामिल हैं। शुरुआती जांच में दूषित भोजन से मौत की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
एक बिस्तर पर पिता-बेटा, दूसरे पर मां और बेटियां
पुलिस के मुताबिक, महेश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। शुक्रवार रात करीब 10 बजे परिवार ने खाना खाया और फिर सोने चला गया। शनिवार सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने उन्हें आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर संदेह गहरा गया।
पड़ोसियों ने खिड़की से अंदर देखा तो परिवार के पांचों सदस्य बिस्तरों पर लेटे दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुई। अंदर एक चारपाई पर महेश अपने बड़े बेटे से लिपटे हुए थे। दूसरे बिस्तर पर ललिता अपनी दोनों बेटियों के ऊपर हाथ रखकर लेटी थीं। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के सदस्यों के मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई है।
रसोई में मिले नूडल्स, लेकिन मौत की वजह अब भी पहेली
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घर की तलाशी लेकर साक्ष्य जुटाए। इसी दौरान रसोई में एक बर्तन में नूडल्स मिले। इसके बाद यह आशंका सामने आई कि परिवार ने रात में नूडल्स खाए होंगे और भोजन दूषित होने से उनकी तबीयत बिगड़ी होगी। हालांकि, रसोई में नूडल्स मिलने भर से यह साबित नहीं होता कि मौतें उसी भोजन के कारण हुईं। संबंधित बर्तन को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। भोजन के नमूनों और अन्य साक्ष्यों की जांच से ही इस आशंका की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।
फूड पॉइजनिंग या आत्महत्या, दोनों पहलुओं पर जांच
एक ही घर में पांच लोगों की मौत के पीछे क्या कारण रहा, इसका जवाब अभी नहीं मिला है। पुलिस दूषित भोजन की आशंका के साथ आत्महत्या समेत अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल किसी भी संभावना को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है।
मृतकों की पहचान महेश (37), ललिता (35), उनके बेटे लड्डू (11), साक्षत (3) और बेटी मिष्टी (7) के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है।
अब पोस्टमॉर्टम के निष्कर्ष, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम होंगे। जांच पूरी होने से पहले पांचों की मौत की असली वजह बताना जल्दबाजी होगी।
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