भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक की पीट-पीटकर हत्या, 2 साल पुराने विवाद ने लिया खूनी मोड़; पुलिस की भूमिका पर सवाल

भरतपुर के भौंड़ा गांव में स्टोन क्रशर विवाद के दौरान पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। पत्नी ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए, छह से अधिक लोग हिरासत में।

भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में स्टोन क्रशर प्लांट को लेकर चल रहा विवाद रविवार शाम खूनी संघर्ष में बदल गया। बयाना से भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना (68) की गंभीर रूप से घायल होने के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में मौत हो गई। घटना में उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, वहीं लंबे समय से चल रहे विवाद के बावजूद संभावित टकराव को रोकने में पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

घटना 11 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव स्थित पूर्व विधायक के स्टोन क्रशर प्लांट पर हुई। यहां माइनिंग लीज और बंद पड़े क्रशर को दोबारा शुरू करने को लेकर पूर्व विधायक और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

चारागाह भूमि को लेकर विरोध, कई दिन से चल रहा था धरना

ग्रामीणों का आरोप था कि क्रशर प्लांट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान गांव की करीब 8 हेक्टेयर चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा किया गया और वहां अवैध खनन हो रहा था। इसी के विरोध में ग्रामीण पिछले 10 से 15 दिनों से प्रस्तावित क्रशर को दोबारा शुरू करने के खिलाफ शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे।

रविवार शाम पूर्व विधायक कथित तौर पर 40 से 50 लोगों के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों को वहां से हटाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 70 से 80 ग्रामीणों की भीड़ ने लाठियों और पत्थरों से पूर्व विधायक और उनके साथ आए लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान क्रशर प्लांट स्थित कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।

गंभीर रूप से घायल अतर सिंह भड़ाना को पहले वैर उपजिला अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया, जहां रविवार देर रात करीब 11:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घायल गगन शर्मा का भरतपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पत्नी का गोली मारने का आरोप, डॉक्टरों की शुरुआती जांच में पुष्टि नहीं

पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान उनके पति को गोली भी मारी गई थी। हालांकि, वैर अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में गोली लगने की बात से इनकार किया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारण का पता चलने और फायरिंग के दावे की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस ने मामले में छह से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। फरार ग्रामीणों और मुख्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के बाद भौंड़ा गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच कई ग्रामीणों के गांव छोड़ने की भी जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन पूर्व विधायक के पार्थिव शरीर को हरियाणा ले जाएंगे। उनका अंतिम संस्कार फरीदाबाद जिले के पाली गांव में किया जाएगा।

पत्नी ने पुलिस को रोज सूचना देने का किया दावा

अतर सिंह भड़ाना के परिवार ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। पत्नी कमलेश के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से क्रशर प्लांट का पानी का पंप खराब किया जा रहा था। लीज पर आने-जाने वाले लोगों को भी कथित तौर पर धमकाकर भगाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं की सूचना पुलिस को रोजाना दी जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पलभर का ठहराव …

इन आरोपों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि माइनिंग लीज और क्रशर संचालन को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था और ग्रामीण लगातार धरना दे रहे थे। ऐसे में सवाल है कि संभावित टकराव की आशंका के बावजूद विवादित स्थल पर पर्याप्त एहतियाती व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

घटना के दिन क्रशर प्लांट पर काम शुरू होने के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संघर्ष के दौरान करीब एक घंटे तक बवाल रहने की बात सामने आई है। सूचना मिलने के बाद वैर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की। हालांकि, पहले से जारी विवाद के बीच हिंसक टकराव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे, यह जांच का अहम पहलू होगा।

पूर्व विधायक की मौत पर गरमाई राजस्थान की सियासत

घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत विपक्ष के नेताओं ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश और घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गोली लगने के दावे और पहले से चल रहे विवाद के संबंध में सामने आने वाले तथ्य जांच की दिशा तय करेंगे। इस घटना ने न केवल गांव में तनाव बढ़ाया है, बल्कि विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद संभावित हिंसा को रोकने में प्रशासन की तैयारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

RSS जिला प्रचारक से मारपीट, थानाधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

पति-पत्नी की एक जगह पोस्टिंग पर राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला, फिर भी कर्मचारियों के लिए खुला ये रास्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *