Indian Railway Promotion Rules: भारतीय रेलवे ने SC/ST कर्मचारियों के लिए नॉन-सेफ्टी पदों पर प्रमोशन नियमों में बदलाव किया है। अब 10% छूट और ‘Best Amongst the Failed’ नीति के तहत खाली पद भरे जाएंगे। जानें मुख्य नियम और शर्तें।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के कर्मचारियों के लिए पदोन्नति (Promotion) नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत गैर-सुरक्षा श्रेणी (Non-Safety Category) के पदों पर कटऑफ में 10 प्रतिशत की छूट के साथ-साथ ‘बेस्ट अमंगस्ट द फेल्ड’ (Best Amongst the Failed) नीति लागू करने की घोषणा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आरक्षित वर्ग के लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना है।
खबर की मुख्य बातें:
10% अंक की छूट: ग्रुप ‘सी’ में वरिष्ठता के आधार पर होने वाले चयन में SC/ST उम्मीदवारों को प्रोफेशनल एबिलिटी और कुल अंकों में 10% की छूट मिलेगी।
‘बेस्ट अमंगस्ट द फेल्ड’ नीति: यदि छूट देने के बाद भी आरक्षित सीटें खाली रह जाती हैं, तो अनुत्तीर्ण SC/ST कर्मचारियों में से सबसे अधिक अंक पाने वालों को पदोन्नत किया जाएगा। इसके लिए लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और सर्विस रिकॉर्ड में अलग-अलग और कुल मिलाकर न्यूनतम 20% अंक लाना अनिवार्य होगा।
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6 महीने का ट्रायल (Ad-hoc): इस विशेष नीति से पदोन्नत कर्मचारियों को शुरुआत में 6 महीने के लिए अस्थायी आधार पर प्रमोशन मिलेगा। कार्यकुशलता और आचरण की समीक्षा के बाद रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने पर ही पदोन्नति नियमित की जाएगी।
सुरक्षा श्रेणी में कोई ढील नहीं: रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन संचालन और यात्री सुरक्षा (Safety Category) से जुड़े पदों पर यह छूट लागू नहीं होगी।
LDCE परीक्षा पर रोक: सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDCE) में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। इसके अलावा, जो उम्मीदवार बिना किसी छूट के सामान्य मेरिट में पास होंगे, उन्हें अनारक्षित (UR) सीट पर ही समायोजित किया जाएगा।
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