हिमाचल प्रदेश में रक्षाबंधन पर सालों पुरानी छुट्टी व्यवस्था बदल गई। अब महिलाओं के साथ पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश मिलेगा, जबकि महिलाओं का HRTC बसों में सफर मुफ्त रहेगा।
शिमला। रक्षाबंधन की छुट्टी को लेकर हिमाचल प्रदेश में वर्षों से एक सवाल उठता रहा—जब बहन की छुट्टी है और भाई सरकारी दफ्तर में ड्यूटी कर रहा है, तो राखी आखिर बंधेगी कैसे? इस बार सुक्खू सरकार ने इसी पुराने विरोधाभास को खत्म कर दिया है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रक्षाबंधन पर सिर्फ महिलाओं नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश देने का ऐलान किया है। यानी इस बार बहन और भाई, दोनों एक साथ त्योहार मना सकेंगे। हिमाचल में पहली बार रक्षाबंधन के मौके पर भाइयों को भी इस तरह सरकारी छुट्टी दी गई है।
सीएम सुक्खू ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान इसकी घोषणा की। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर 28 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया। प्रदेश सरकार के अधीन आने वाले विभाग, बोर्ड, निगम, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे। जरूरी सेवाओं को इससे अलग रखा गया है।
दरअसल, हिमाचल में पहले रक्षाबंधन के दिन महिलाओं को छुट्टी मिलती थी, जबकि पुरुष कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचना पड़ता था। इसी व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते थे कि त्योहार भाई-बहन का है तो छुट्टी सिर्फ बहनों तक सीमित क्यों रहे? सुक्खू सरकार के नए फैसले ने इस बहस पर विराम लगा दिया है।
राखी पर महिलाओं के लिए बस यात्रा भी मुफ्त
रक्षाबंधन पर सरकार ने महिलाओं को एक और राहत दी है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घोषणा की कि एचआरटीसी बसों में हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएंगी। डिप्टी सीएम ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी महिला से किराया वसूलने या उसे बस में न बैठाने की शिकायत मिली तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस तरह हिमाचल में इस बार रक्षाबंधन सिर्फ बहनों की छुट्टी तक सीमित नहीं रहेगा—भाई भी घर पर होंगे और बहनों का सफर भी मुफ्त होगा।
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