RADIO-X 2026 का सफल समापन हुआ। पद्मश्री प्रो. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने मेडिकल छात्रों और युवा चिकित्सकों को Chest X-Ray Interpretation की बारीकियां सिखाईं। प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई।
नई दिल्ली। एक साधारण-सा दिखने वाला Chest X-Ray कई बार मरीज की गंभीर बीमारी का सबसे बड़ा सुराग साबित होता है। इसी कला को और बेहतर ढंग से समझाने के उद्देश्य से आयोजित RADIO-X 2026 का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में देशभर के मेडिकल छात्रों, इंटर्न्स और रेजिडेंट डॉक्टरों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एक्स-रे इंटरप्रिटेशन की बारीकियां सीखीं।
डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए इंडिया), नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) उत्तर प्रदेश चैप्टर एवं मैडिसेज-एआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शैक्षणिक वेबिनार के मुख्य वक्ता पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट प्रो. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद रहे।
उन्होंने प्रतिभागियों को Chest X-Ray Interpretation की व्यवस्थित तकनीक समझाते हुए सामान्य और जटिल फेफड़ों की बीमारियों में एक्स-रे की भूमिका, महत्वपूर्ण रेडियोलॉजिकल संकेतों की पहचान, एक्स-रे रीडिंग के वैज्ञानिक तरीके और क्लिनिकल कोरिलेशन जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। साथ ही पल्मोनरी मेडिसिन से जुड़े अपने लंबे चिकित्सकीय अनुभव भी साझा किए।
देशभर से आए चुनौतीपूर्ण केस, विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन
कार्यक्रम के दौरान देशभर के मेडिकल छात्रों, इंटर्न्स और रेजिडेंट्स ने कई चुनौतीपूर्ण Chest X-Ray Cases प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने एक्स-रे की अपनी व्याख्या और क्लिनिकल एप्रोच रखी, जिसका विशेषज्ञों ने विस्तृत मूल्यांकन किया।
इन प्रतिभागियों ने जीती एक्स-रे प्रस्तुति प्रतियोगिता
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में—
- प्रथम स्थान: डॉ. अमीना रेना (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोझीकोड)
- द्वितीय स्थान: डॉ. पर्व लूथरा (असम)
- तृतीय स्थान: डॉ. सागरिका (पीजीआईएमएस, रोहतक)
को सम्मानित किया गया।
इस राष्ट्रीय शैक्षणिक वेबिनार में देशभर से 100 से अधिक मेडिकल छात्रों, इंटर्न्स और रेजिडेंट डॉक्टरों ने सहभागिता कर विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्राप्त किया।
आयोजन टीम की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. अमित व्यास (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी (राष्ट्रीय महासचिव), डॉ. प्रियांशु शर्मा, डॉ. आस्था चौहान (राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ सचिव), डॉ. रेशु रॉली (झारखंड कोर टीम सदस्य), डॉ. अदिति सिंह (बिहार प्रदेश अध्यक्ष), डॉ. आर्यन श्रीवास्तव (राष्ट्रीय कोर सदस्य), डॉ. मानिका, डॉ. यश, डॉ. कमल सिंह, पूजा, मानस्वी, अमृत, आर्यन तिवारी, दानिया, अमीषा मिश्रा एवं तनिषा सहित पूरी आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजकों ने कहा कि डीएमए, NAMS उत्तर प्रदेश चैप्टर एवं मैडिसेज-एआई भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से मेडिकल विद्यार्थियों और युवा चिकित्सकों के ज्ञान एवं कौशल को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
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