हलैना और मूड़िया जाट में आयोजित कार्यक्रमों में पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने दलबदल, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र पर बेबाक राय रखी। उन्होंने ईआरसीपी, यमुना जल और रोजगार के मुद्दों पर भी बड़ा बयान दिया।
हलैना। सौ वर्ष की उम्र पार कर चुके समाजवादी आंदोलन के पुरोधा और पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने देश की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आजादी का असली अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं था। आजादी का उद्देश्य देश से गरीबी, गैरबराबरी, अत्याचार, अनाचार और भ्रष्टाचार को समाप्त करना था, लेकिन दुर्भाग्य से ये बुराइयां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
समाजवादी चिंतक पंडित रामकिशन बुधवार को कस्बा हलैना की कृषि उपज मंडी तथा ग्राम मूड़िया जाट में आयोजित स्वागत एवं सम्मान समारोहों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने देश में बढ़ते दलबदल पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र कमजोर होता है और राजनीतिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि दलबदल की राजनीति नई नहीं है, लेकिन आज यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ निशाना बनाया जाता है, वही नेता दल बदलने के बाद सत्ता में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच जाते हैं। पंडित रामकिशन ने भाजपा को “भ्रष्टाचारियों की वाशिंग मशीन” बताते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष भी उतना ही जरूरी है जितनी सरकार।
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पूर्व सांसद ने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी योजना अब धरातल पर उतर चुकी है और विभिन्न स्थानों पर तेजी से काम चल रहा है। इससे भरतपुर जिले को निश्चित रूप से पानी का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने, यमुना जल उपलब्ध कराने तथा बाणगंगा और गम्भीरी नदियों में पानी लाने की लड़ाई को आगे बढ़ाना होगी।
समारोहों के दौरान लोगों ने पंडित रामकिशन के जीवन के 100 वर्ष पूरे होने पर उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया। उनके साथ संघर्षशील किसान नेता इन्दल सिंह जाट का भी अभिनंदन किया गया। 101 वर्ष की आयु में भी सक्रिय पंडित रामकिशन को देखने और उनसे बातचीत करने के लिए लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने उनके लंबे सामाजिक और राजनीतिक संघर्षों को याद करते हुए सम्मान व्यक्त किया।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावों में जाति के आधार पर नहीं बल्कि काम करने की क्षमता रखने वाले व्यक्ति को चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतना और जनता के लिए काम कराना दो अलग-अलग बातें हैं। हर जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर पाता, इसलिए योग्य और संघर्षशील नेतृत्व को चुनना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पानी और रोजगार के मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रमों में प्रधान प्रतिनिधि तोता राम गुर्जर, पूर्व सरपंच केशव देव शर्मा, पूर्व सरपंच नारायण सिंह सैनी, रामकुमार शर्मा, रूप सिंह, हरीसिंह जाटव, रविन्द्र जाटव (मूड़िया जाट), गोपाल सिंह मीणा, प्रेमचन्द्र मीणा, रामेश्वर जहानपुर, गिरघर सिंह, नरसी भूतौली, मोहन तिवाड़ी, पूर्व सरपंच ललतेश मीणा, रजनीकांत, सजनी सिंह, हीरा सिंह बाई, ओमप्रकाश मेम्बर, डायरेक्टर तोता राम सैनी मुखैना, उदय सिंह, कमरचंद मीणा, पूरन सिंह नेता नैवाड़ा तथा मुकेश पंडित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने स्वागत एवं सम्मान किया।
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