राजस्थान में फिर नंबर-1 बना एमपीयूएटी | IIRF-2026 रैंकिंग में देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों में 25वीं रैंक, प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों को छोड़ा पीछे

आईआईआरएफ-2026 रैंकिंग में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने देश के कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों में 25वीं रैंक हासिल करते हुए राजस्थान में पहला स्थान प्राप्त किया। कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने इसे विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक उपलब्धि बताया।

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर ने एक बार फिर राजस्थान में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2026 की ताज़ा रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने देश के कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों की सूची में 25वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही एमपीयूएटी राजस्थान के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर रहा।

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आईआईआरएफ (International Institutional Ranking Framework-IIRF) की ओर से जारी इस रैंकिंग में केंद्रीय, राज्य, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों के साथ कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान उपलब्धियों, नवाचार, विस्तार गतिविधियों और रोजगारपरकता जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर किया गया।

रैंकिंग के अनुसार राजस्थान में एमपीयूएटी के बाद श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय (एसकेएनएयू), जोबनेर को 32वां, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर को 38वां, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर को 47वां तथा कृषि विश्वविद्यालय, कोटा को 49वां स्थान मिला।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि आईआईआरएफ-2026 में राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक समर्पण, निरंतर परिश्रम और टीम भावना का ही यह परिणाम है।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह रैंकिंग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान उपलब्धियों और कृषक समुदाय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों, वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और कृषक समुदाय को देते हुए विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।

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