135 विद्यार्थियों का सम्मान, ‘हरितिमा-2026’ में गूंजा प्रतिभा और परिश्रम का उत्सव | कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर में दिखा शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का संगम

उदयपुर कृषि विश्वविद्यालय में ‘हरितिमा-2026’ वार्षिकोत्सव का आयोजन हुआ। 135 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति, खेल और नवाचार पर जोर दिया गया।

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के संघटक राजस्थान कृषि महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव “हरितिमा-2026” का भव्य आयोजन उत्साह और उल्लास के बीच सम्पन्न हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों की शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक, एनसीसी, एनएसएस एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. कैलाश सोडानी (सलाहकार, उच्च शिक्षा, माननीय राज्यपाल, राजस्थान एवं पूर्व कुलगुरु, एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज कुमार महला तथा सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. एस.एस. लखावत भी मौजूद रहे।

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दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम, कुलगीत से गूंजा परिसर

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगान एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन में डॉ. मनोज कुमार महला ने विद्यार्थियों की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हरितिमा” केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और सर्वांगीण विकास का उत्सव है।

‘शॉर्टकट नहीं, मेहनत ही सफलता की कुंजी’ — डॉ. कैलाश सोडानी

मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश सोडानी ने अपने संबोधन में महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान आधारित युग है, जहां सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं में अधिक समय देने की सलाह देते हुए कृषि स्नातकों को रोजगार खोजने के बजाय कृषि उद्यमिता, स्टार्टअप और एग्री-बिजनेस के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित किया।

कृषि में अपार संभावनाएं, नवाचार ही भविष्य: कुलगुरु

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित न रहकर कौशल आधारित उद्यमिता और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

135 विद्यार्थियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा, जिसमें शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 135 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक, एनसीसी, एनएसएस एवं छात्र कल्याण गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। देशभक्ति, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

संचालन और समापन

कार्यक्रम का संचालन डॉ. लतिका शर्मा, छात्र जयदित्य, छात्रा तरंगिनी बोरा एवं मुस्कान द्वारा किया गया। अंत में सहायक अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. एस.एस. लखावत ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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