दौसा
राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर बालाजी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) की शाखा में 11 करोड़ रुपए के सिक्कों का घपला सामने आया है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है। इस मामले में बैंक के कैश आफिसर पर अंगुली उठ रही है। उसे निलंबित किया जा चुका है।
अब एसबीआई बैंक की विजिलेंस टीम और पुलिस दोनों ही इस घपले की जांच में जुटी हैं। पुलिस ने बैंक शाखा पहुंचकर मामले से संबंधित दस्तावेज जुटाए हैं। वहां कार्यरत कार्मिकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज व रिकॉर्ड की जांच की।
समिति की जांच में सामने आया है कि बैंक में वर्तमान में करीब 700 बैग ही मौजूद हैं, जिनमें सिर्फ 60 लाख रुपए होना संभव है। जबकि बैंक रिकॉर्ड में 13 करोड़ 62 लाख 11,275 के कुल सिक्के जमा हैं। ऐसे में सीधे तौर पर करीब 11 करोड़ का गबन सामने आया है।
बैंक रिकॉर्ड में 13 करोड़ 62 लाख 11,275 के कुल सिक्के जमा हैं, जबकि गिनती में एक करोड़ 39 लाख 60 हजार ही मिले। गबन का खुलासा तब हुआ जब बैंक प्रबंधन ने सिक्कों की गिनती के लिए एक निजी फर्म को टेंडर दिया।
पुलिस को सौंपी कर्मचारियों को सूची
बैंक शाखा प्रबंधक हरगोविंद सिंह मीणा ने गबन की अवधि में शाखा प्रबंधक से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और अधिकारी तक 14-15 कर्मचारियों की सूची पुलिस को सौंपी है। इन सभी के वर्तमान में पदस्थापन के बारे में जानकारी एकत्रित की गई है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी।
टोडाभीम थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी में बताया है कि क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय के आदेश पर 9 जुलाई को समिति गठित कर पेशेवर वेंडर अर्पित गुइस कैरियर की ओर से शाखा के हस्तगत रोकड़ के सिक्कों की गिनती की कराई जा रही थी। इसमें 10 अगस्त को गिनती के बाद लगभग 11 करोड़ रुपए के सिक्कों के घपले का पता चला। बैंक की प्रशासनिक जांच में कुछ राशि का गबन होना पाया गया।
बैंक में जमा सिक्कों की गिनती के लिए क्षेत्रीय कॉमर्शियल ऑफिस सवाईमाधोपुर के आदेश पर 8 जुलाई को गठित समिति ने शाखा के कैश की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में सिक्कों का गबन पाया गया है। इसके बाद सिक्कों की गिनती के लिए अनुबंधित वेंडर अर्पित गुड्स कैरियर जयपुर की ओर से 22 जुलाई को सिक्कों की गिनती बैंक शाखा मेहंदीपुर बालाजी कार्यालय में की गई। प्राथमिकी में बताया गया है कि पूर्व में 21 मई को शाखा में पदस्थ कैश ऑफिसर राजेश कुमार मीना को शाखा में हस्तगत रोकड़ के अनाधिकृत लेनदेन संबंधी अनियमितताओं के कारण निलंबित किया गया था। इसकी विभागीय जांच की जा रही है।
सिक्कों की गिनती से रोकने के लिए धमकाया
इस बीच अनुबंधित वेंडर के प्रोपराइटर सतीश शर्मा ने क्षेत्रीय व्यवसायिक कार्यालय सवाई माधोपुर को बताया है कि उसकी फर्म के कर्मचारियों को 10-15 अज्ञात हथियारबंद व्यक्तियों ने सिक्कों की गिनती नहीं करने की धमकी दी है। अनुबंधित वेंडर प्रोपराइटर ने 11 अगस्त शाम को व्हाट्सएप एवं मेहदीपुर शाखा की ईमेल पर लिखित सूचना दी।
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