महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर में स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। स्थापना दिवस 1 नवंबर और दीक्षांत समारोह 22 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर में स्थापना दिवस और दीक्षांत समारोह के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को, जबकि दीक्षांत समारोह 22 दिसंबर 2026 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए 22 अक्टूबर को विश्वविद्यालय सभागार में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच समन्वय पर चर्चा हुई।
बैठक में आयोजन की तैयारियों को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारी परिषद के सदस्यों और कर्मचारियों ने इसमें सहभागिता की।
कुलगुरु के एक वर्ष के कार्यकाल पर भी दी बधाई
बैठक के दौरान कर्मचारी परिषद के सदस्यों और कर्मचारियों ने कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह को एक वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी। इस अवसर पर कुलगुरु ने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में हुए प्रमुख कार्यों, उपलब्धियों और विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के तीन वैज्ञानिकों का नाम विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुआ है। कुलाधिपति श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने इस उपलब्धि की सराहना की। विश्वविद्यालय में आयोजित नॉर्थ-वेस्ट एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस की भी कुलाधिपति ने प्रशंसा की।
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय को सोयाबीन एवं चारा अनुसंधान के क्षेत्र में दो नए वॉलंटरी सेंटर मिले हैं। इनके माध्यम से दलहनी फसलों और चारा उत्पादन के क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय में विकसित कृषि तकनीकों और प्राप्त पेटेंट पर भी चर्चा हुई।
अनुसंधान, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों की जानकारी
डॉ. प्रताप सिंह ने तीन प्रमुख राज्यों के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों की तीन दिवसीय कार्यशाला, वर्ष 2025 के दीक्षांत समारोह, विश्वविद्यालय की बजट योजना तथा एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (IFMS) 3.0 के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ हुए समझौता ज्ञापनों और जोन 4(a) एवं 4(b) की खरीफ तथा रबी फसलों से संबंधित क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति की बैठकों की जानकारी भी साझा की गई। उन्होंने राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल के अनुरूप आयोजित युवा-केंद्रित नशामुक्ति गतिविधियों का उल्लेख किया। बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों की सराहना किए जाने की जानकारी भी दी।
वित्त नियंत्रक महेंद्र कुमार सीमार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदेशों, विभिन्न परियोजनाओं और विश्वविद्यालय के ऑडिट एवं अनुपालन संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जानकारी दी। कुलगुरु ने पेंशन, करियर एडवांसमेंट स्कीम और भर्ती से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कुलसचिव अशोक कुमार, निदेशक अनुसंधान डॉ. मनोज महला, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर.एल. सोनी, राजस्थान कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर से डॉ. लोकेश गुप्ता, कॉलेज ऑफ डेयरी एवं फूड टेक्नोलॉजी से डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, डूंगरपुर से डॉ. आर.पी. मीणा, निदेशक डीपीएम एवं एचआरडी डॉ. राजश्री उपाध्याय, कॉलेज ऑफ फिशरीज से डॉ. एल.एन. महावर तथा कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग, उदयपुर के अधिष्ठाता डॉ. विनोद यादव सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी परिषद के सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
छोटे बच्चों की सेहत से खिलवाड़ पर लगेगी लगाम? FSSAI का बड़ा कदम
