ये काल रात्रि अब अंतिम है… 

ये काल रात्रि अब अंतिम है,
कल फ़िर इक नया सवेरा है l
ग़म के सागर छूट गए सब,
खुशियो का नया बसेरा है

अलविदा….2024

कड़कड़ाती ठंड भयंकर शीत लहरी,
कांपते कांपते बीती जनवरी।
बसंत की आहट, ऋतु सुनहरी,

रात अमावस में दीपों की…

रात अमावस में दीपों की,
शोभा अजब निराली।
त्यौहारों में सबसे प्यारा

पारिजात…

श्वेत पंखुड़ियों का स्पर्श मधुर,
हरसिंगार मानो चित्रित स्वप्न,
सजीव रंगों का जादू सा सिंगार,

इन विकारों का करें शमन…

मात्र दशानन के दहन से कुछ न होगा
दमन दस विकारों का हमें करना होगा

इन विकारों का करें शमन…

मात्र दशानन के दहन से कुछ न होगा
दमन दस विकारों का हमें करना होगा

अचानक से मेरी बातें, बस यादें बन जाएंगी…

ये सांसें यूं ही कम होती जाएंगी,
धड़कनें बस यूं ही थमती जाएंगी

पर्वाधिराज पर्व ‘पर्यूषण’

पर्वाधिराज पर्व पर्यूषण है अलौकिक
आठ दिवस नियमित होती सामायिक
धर्म-ध्यान, पूजा-अर्चना, तप-तपस्या द्वारा
सुप्त आत्मा को कर के जाग्रत

कान्हा तुम्हे फिर आना होगा…

कान्हा तुम्हे फिर आना होगा
पाप का समूल विनाश करना होगा

राखी…

दीदी ने बांधी है मेरे,
राखी प्यारी प्यारी।
सचमुच मेरी प्यारी दीदी