न्यायिक महकमे में बड़ा फेरबदल | 14 जजों के तबादले, एपीओ अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी

राजस्थान में न्यायिक प्रशासन में बड़ा फेरबदल हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश से 14 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं और एपीओ चल रहे अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई है।

Judgment: रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को नहीं मिलेगी ढाल | सह-आरोपी बरी हो जाए, तब भी नहीं धुलेगा भ्रष्टाचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगने और लेने का दोषी है तो सह-आरोपी के बरी होने या साज़िश साबित न होने के आधार पर उसे बरी नहीं किया जा सकता।

रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन पर ‘नो वर्क नो पे’ नहीं चलेगा | हाईकोर्ट बोला—अफसरों की गलती का खामियाजा कर्मचारी क्यों भुगते?

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कर्मचारी को प्रशासनिक गलती से समय पर प्रमोशन नहीं मिला और बाद में रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन दिया गया, तो “नो वर्क नो पे” का हवाला देकर वेतन के एरियर से इंकार नहीं किया जा सकता।

‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ | हाई कोर्ट ने जज पर साधा निशाना, फैसले को बताया गंभीर कदाचार

हाई कोर्ट ने सिविल अदालत के एक जज के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए 13 मई 2025 का फैसला रद्द किया। प्रॉपर्टी विवाद में किरायेदार को मालिकाना हक देने पर कोर्ट ने इसे ‘दिनदहाड़े न्यायिक हत्या’ बताया और प्रशासनिक कार्रवाई की सिफारिश की।

अदालतों के दरवाज़े अचानक क्यों रहेंगे बंद? | धुलंडी से पहले राजस्थान हाईकोर्ट का नया आदेश, इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित

राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने धुलंडी पर हाईकोर्ट और सभी अधीनस्थ अदालतों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। रजिस्ट्रार प्रशासन की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया।

केंद्रीय अफसर भी अब राज्य ACB के रडार में | सीबीआई की इजाज़त बिना भी जांच वैध, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि राजस्थान ACB को केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों में सीबीआई की अनुमति बिना जांच और चार्जशीट दाखिल करने का अधिकार है।

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की नेशनल कॉन्फ्रेंस 26 से 28 दिसंबर तक बालोतरा में | राजस्थान से चयनित अधिवक्ता लेंगे भाग, न्यायिक व्यवस्था पर होगा मंथन

अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 26 से 28 दिसंबर 2025 तक बालोतरा में होगी, जिसमें देशभर के चयनित अधिवक्ता भाग लेंगे।

रिटायरमेंट से पहले छक्कों की बरसात!| सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक टिप्पणी—जज आख़िरी दिनों में क्रिकेट खेलने न उतरें

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायरमेंट से पहले जजों द्वारा दिए जा रहे विवादित आदेशों पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा—कुछ जज आख़िरी ओवर में बल्लेबाज़ की तरह छक्के मारने लगते हैं।

कानून की किताब में जो धारा है ही नहीं… उसी पर दे दिया तलाक! हाईकोर्ट सख्त; बोला- फैमिली कोर्ट जज ने ‘काल्पनिक 28A’ के नाम पर तोड़ी शादी, डिक्री तुरंत रद्द—अब वैवाहिक कानूनों की ट्रेनिंग अनिवार्य

फैमिली कोर्ट में ऐसा “न्यायिक कारनामा” हुआ कि हाईकोर्ट तक दंग रह गया—जज ने तलाक का फैसला उस धारा 28A पर आधारित कर दिया… जो भारतीय कानून की किसी भी किताब में मौजूद ही नहीं है! न गवाही ली, न

मोबाइल नोटिफिकेशन को ही सच मान बैठे जज साहब! पॉप-अप देखकर दे दिया फैसला | हाई कोर्ट ने फटकार लगाई—एक बार आदेश पढ़ तो लेते

मोबाइल स्क्रीन पर एक पॉप-अप चमका… और जज साहब ने उसे मान लिया कानून का अंतिम शब्द। पॉप-अप अलर्ट को “सुप्रीम कोर्ट का आदेश” समझकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी—और जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो वहां