जब प्यारा बचपन बीता था,
तब खुश थे अब तो बड़े हुए,
मन की करने का जज्बा था,
Tag: Dr. Shikha Agarwal
खुशियां सजाएं
आओ, कुछ खूबसूरत ख्वाबों को देखें,
सखियों के संग, कुछ कहकहे लगा लें,
कुछ देर तो विश्राम लें, अपने कामों से,
मायके को याद कर थोड़ा मुस्कुरा लें।
