भरतपुर
राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर एवं महारानी श्री जया राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत नाटक ‘बलिदानम्’ का मंचन महाविद्यालय के केन्द्रीय हॉल में किया गया। यह नाटक मेवाड़ की महान स्वामीभक्त पन्नाधाय के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित था।
मंचन कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती-वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. डॉ. हरबीर सिंह ने की, जबकि रामेश्वरी देवी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. डॉ. सुजाता चौहान मुख्य अतिथि रहीं। साहित्यकार डॉ. राम सिंह वर्मा एवं समन्वयक डॉ. योगेंद्र भानु विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्कृत विभाग के छात्रों द्वारा मंचित लघु नाटिका के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हम सबको प्रकृति के संरक्षण का दायित्व निभाना चाहिए।
संस्कृत मंचन के जरिए नवाचार की पहल
संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र भानु ने बताया कि राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर के सहयोग से संस्कृत के प्रचार-प्रसार और हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से इस मंचन का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा और छात्र-छात्राओं में संस्कृति के प्रति जागरूकता भी आएगी।
पन्नाधाय के बलिदान को किया जीवंत
संस्कृत नाटक ‘बलिदानम्’ की लेखन, परिकल्पना और निर्देशन दीपक भारद्वाज ने किया, जो पहले भी कई सफल संस्कृत नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं। नाटक में दिखाया गया कि कैसे पन्नाधाय ने अपने पुत्र चंदन का बलिदान देकर मेवाड़ के उत्तराधिकारी उदय सिंह को बचाया।
प्रमुख भूमिकाएं
🔸 सूत्रधार: अर्जुन देव
🔸 नटी: अंजली
🔸 सामली: प्रियंका इंदौरिया
🔸 कीरत वारी: दीपक भारद्वाज
🔸 बनवीर: संदीप शर्मा
🔸 पन्नाधाय: अंतिमवाला शर्मा
🔸 नर्तकी: अंशु रूपावत
दर्शकों पर छाई संस्कृत नाटक की छटा
नाटक के दौरान मंच पर कलाकारों की भावनात्मक अभिव्यक्ति और संस्कृत संवाद ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नाटक के मंचन के दौरान कई क्षण ऐसे आए, जब दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
मंच पर सम्मान और उत्साहवर्धन
इस मौके पर मंचस्थ अतिथियों एवं कलाकारों का सम्मान किया गया।
सम्मानित करने वाले गणमान्य व्यक्ति:
🔹 डॉ. उषा रानी शर्मा
🔹 डॉ. निहाल सिंह
🔹 डॉ. इला मिश्रा
🔹 डॉ. अशोक गोयल
🔹 डॉ. राजवीर सिंह शेखावत
🔹 डॉ. आर.के. उपाध्याय
🔹 डॉ. मानवेंद्र चतुर्वेदी
🔹 डॉ. अशोक कुमार गुप्ता
🔹 डॉ. विष्णु चंद गौड़
🔹 डॉ. अमित रैंकवार
🔹 डॉ. डिम्पल जैसवाल
🔹 डॉ. राम बाबू गुर्जर
🔹 डॉ. सुदर्शन गोयल
संस्कृत नाटक की सराहना और प्रेरणादायक संदेश
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. सुजाता चौहान ने कहा कि संस्कृत नाटकों के मंचन से न केवल संस्कृत भाषा का उत्थान होता है, बल्कि यह संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को भी उजागर करता है।
प्राचार्य प्रो. डॉ. हरबीर सिंह ने कहा, “पन्नाधाय का बलिदान स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। यह नाटक हमें त्याग और कर्तव्य की भावना से जोड़ता है।”
अन्य अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में आर.डी. गर्ल्स कॉलेज से डॉ. लाला शंकर गयावाल, डॉ. सरोज देवी, डॉ. दीवान सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह एवं बयाना कॉलेज से डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. हेमलता शर्मा, डॉ. रीता शुक्ला, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल सहित महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निहाल सिंह ने किया और अंत में डॉ. उषा रानी शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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