जयपुर
भाजपा के राज्यसभा सदस्य डा. किरोड़ी लाल मीना ने REET Paper Leak 2021 का एक बड़ा घोटाला परत-दर-परत गुरुवार को जयपुर में मीडिया के सामने रखा और ऐसे गंभीर आरोप लगाए जिससे सत्ता के गलियारों में बड़ी खलबली मच गई। खलबली भी ऐसी कि शाम होने से पहले SOG की टीम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डीपी जारौली के कार्यालय में पूछताछ करने पहुंच गई और जांच के लिए कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले आई।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. जारौली से SOG ने की पूछताछ
डा. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि सरकार पेपर लीक में लिप्त बड़े मगरमच्छों को कितना भी बचने की कोशिश कर ले, अब सच बाहर निकल कर रहेगा। सांसद मीणा ने आरोप लगाया कि रीट पेपर फर्जीवाड़े में सरकार के एक मंत्री, शिक्षा विभाग से जुड़े एक आईएएस अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने रीट पेपर प्रिंट कराने के लिए अपनी एक चहेती एक प्रिंटिंग प्रेस को टेंडर दिलवाने में भूमिका अदा की। और इसके एवज में मंत्री और आइएएस अधिकारी के बीच बड़ी राशि का बंटवारा हुआ। CMO का एक अफसर भी इस घोटाले में शामिल है। उन्होंने मांग की कि सीबीआई से मामले की जांच करवाकर रीट परीक्षा दुबारा करवाई जाए।
डा. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि वे पहले यह बात कह चुके थे कि शिक्षा संकुल से पेपर आउट हुए हैं, अब इसे एसओजी ने स्वीकार कर लिया है।किरोड़ी लाल ने कहा कि अब मैं फिर कह रहा हूं कि मंत्री की जान-पहचान वाले एक व्यक्ति की कोलकाता की प्रिंटिंग प्रेस को पेपर छपवाने का टेंडर दिया गया। यह व्यक्ति खुद अहमदाबाद का रहने वाला है। यह शख्स चार बार तब के शिक्षा मंत्री और ब्यूरोक्रेट से मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री और बड़े अधिकारी ने पेपर आउट के बाद (Paper Leak Cases in Rajasthan) जो रकम इकट्ठा की, उसका बंटवारा भी किया। इसका प्रमाण भी वे जल्द ही मीडिया के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि जो पेपर आउट हुए, वह हर जिले में पहुंचाए गए।
किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया कि इस मामले में एसओजी के जांच अधिकारी सीआई मोहन पोसवाल और कांस्टेबल नाथू कई निर्दोष लोगों को गिरफ्तार (Rajasthan SOG Action in REET Paper Leak Case) कर रहे हैं जबकि जो लोग पेपर आउट में लिप्त हैं, उन्हें छोड़ा गया है।उन्होंने कहा कि कमल यादव नाम के एक शख्स ने अपनी साली पूनम को पेपर दिया था।एसओजी ने पूनम को पकड़ा, लेकिन आशीष और सुमित नाम के लोगों को बचाया।
भजनलाल की बहन द्रौपदी ने भी इन्हें रिश्वत दी, लेकिन जब चारों तरफ से दबाव बढ़ा तो उसे गिरफ्तार किया गया है। खंडार के विजय को पेपर मिला, उसकी पत्नी ने जोधपुर के एक केंद्र पर परीक्षा दी। उसके पास से पेपर 20 लोगों तक पहुंचा है। किरोड़ी मीणा ने इन सभी को बड़ी राशि लेकर छोड़ने का उन्होंने आरोप लगाया।
बोर्ड अध्यक्ष जारौली शिक्षा संकुल क्यों आए?
डॉ. मीणा ने कहा कि परीक्षा से पहले 24 सितंबर को बोर्ड अध्यक्ष जारौली शिक्षा संकुल में आए थे और प्रदीप पाराशर के साथ शिक्षा के मंदिर में दोनों ने पार्टी भी की। इसी दौरान संकुल के स्ट्रांग रूम से पेपर लीक कराए गए। सांसद ने कहा कि प्रदीप पाराशर ने चार निजी कर्मचारियों को मौखिक रूप से लगाया, जिनके जरिए पेपर लीक कराया गया। इन्हीं चार में से एक रामकृपाल मीणा है। बाकी तीन निजी कॉलेज के कर्मचारी हैं। मीणा ने इन तीनों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी करने वाले और पेपर लीक प्रकरण में मिले बोर्ड अध्यक्ष को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए।
इस बीच डॉ.किरोड़ीलाल मीणा के आरोपों के बाद SOG की टीम बोर्ड अध्यक्ष डॉ.डीपी जारोली के ऑफिस तक पहुंच गई और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। जांच के लिए कुछ दस्तावेज जब्त किए।
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