जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित ऐतिहासिक गोविंद देवजी मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब यहां खाटू श्यामजी, सांवलिया सेठ और सालासर बालाजी मंदिर की तर्ज पर ‘चलते-चलते दर्शन’ की व्यवस्था लागू होगी। यह नई व्यवस्था खास तौर पर रविवार, एकादशी, कार्तिक महीने और प्रमुख त्योहारों पर प्रभावी रहेगी।
दर्शन व्यवस्था में ये होंगे बदलाव
- बैठने और रुकने की अनुमति नहीं होगी — श्रद्धालुओं को लगातार चलते हुए ही दर्शन करने होंगे।
- फोटोग्राफी और वीडियो पर पूर्ण पाबंदी लागू की जाएगी।
- प्रवेश और निकास के मार्ग अलग-अलग होंगे:
- नंगे पांव श्रद्धालु मंदिर छावनी से प्रवेश कर परिक्रमा के बाद मुख्य निकास से बाहर निकलेंगे।
- जूते-चप्पल पहने श्रद्धालु रैंप मार्ग से दर्शन करेंगे।
- नंगे पांव श्रद्धालु मंदिर छावनी से प्रवेश कर परिक्रमा के बाद मुख्य निकास से बाहर निकलेंगे।
सुरक्षा और सुविधा दोनों पर फोकस
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने नई “सुगम दर्शन व्यवस्था” का पोस्टर लॉन्च करते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
- मंदिर में स्थायी बेरिकेडिंग की जा रही है।
- दो कतारों में चलने की व्यवस्था होगी।
- एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम और पंखों के जरिए दर्शन को सुगम बनाया जाएगा।
- त्योहारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा क्यों जरूरी है?
गोविंद देवजी मंदिर में हर दिन हज़ारों श्रद्धालु दर्शन को आते हैं। त्योहारों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे मंदिर परिसर में भारी दबाव और अव्यवस्था उत्पन्न हो जाती थी। अब इस नई व्यवस्था से दर्शन सरल, तेज़ और सुरक्षित हो पाएंगे।
नई हवा की खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
बैंक मैनेजर बना 3.05 करोड़ का लुटेरा | फर्जी खातों से पत्नी तक पहुंचा पैसा, CBI ने मारे छापे
‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।
नई हवा’ की खबरें नियमित और अपने मोबाइल पर डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें
