जयपुर
प्रदेश के कर्मचारियों को गहलोत सरकार ने दिवाली का बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप राज्य कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और पेंशनरों के मंहगाई भत्ते या महंगाई राहत की दर में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब ऐसे राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को गत 1 जुलाई से 368 प्रतिशत महंगाई भत्ता या महंगाई राहत की दर का भुगतान होगा। अब ऐसे राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को 196 प्रतिशत महंगाई भत्ता या महंगाई राहत की दर से भुगतान होगा।
इसी प्रकार छठे वेतन आयोग और राजस्थान सिविल सेवा नियम 2008 के अंतर्गत कार्यरत राज्य कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और पेंशनरों के मंहगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप ही बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। अब ऐसे राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जुलाई, 2021 से 196 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दर का भुगतान होगा।
इससे पहले 14 और 21 दिसंबर 2021 को भी उपर्युक्त श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दर में संशोधन किया गया था। सीएम गहलोत ने इसके लिए वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।
केंद्र सरकार ने पांचवें और छठे वेतनमान के तहत कार्यरत कार्मिकों के लिए संशोधित महंगाई भत्ते में वृद्धि कर 196 प्रतिशत और 368 प्रतिशत करने के आदेश 1 नवंबर 2021 को जारी किए हैं। राज्य सरकार भी इस श्रेणी के कार्मिकों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के अनुरूप ही भुगतान करती रही है।
मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में उक्त कार्मिकों के लिए महंगाई भत्ते के साथ महंगाई राहत दर 189 से बढ़ाकर 196 प्रतिशत और 356 प्रतिशत से बढ़ाकर 368 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से बड़ी संख्या में राज्य सरकार के कार्मिक और पेंशनर लाभान्वित होंगे।
प्रतिनियुक्ति वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा
मुख्यमंत्री ने राजस्थान पर्यटन विकास निगम एवं अन्य विभागों के विपरीत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कार्मिकों को भी बोनस/एक्स ग्रेशिया के भुगतान का भी निर्णय किया है। इनमें राज्य सरकार के अधीन 2128 एवं पंचायतीराज के अधीन 315 कार्मिक भी शामिल हैं। इन कार्मिकों को राज्य सरकार की ओर से जारी तदर्थ बोनस के आदेश की शर्तों के अनुसार पदस्थापित कार्यालय के जरिए भुगतान किया जाएगा।
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