दौसा
दौसा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। इसमें बाइक सवार दो युवकों की एक कार की टक्कर से मौत हो गई। टक्कर के बाद बाइक बुरी तरह चकनाचूर हो गई। कार में भी काफी नुकसान हुआ है।
हादसा दौसा जिले के महुवा थाना क्षेत्र में हिंडौन रोड स्थित गाजीपुर टोल प्लाजा के पास हुआ। मृतकों की शिनाख्त भविष्य भंडारी (30) व मनसुख कोली (32) निवासी भैंसा गांव तहसील टोडाभीम , जिला करौली के रूप में हुई है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को ग्रमीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने एक युवक भविष्य भंडारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे युवक मनसुख को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे की सूचना मिलते ही भैंसा गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। शोक के चलते घरों में चूल्हें नहीं जले, मृतकों के घर बड़ी तादात में गांव के लोग इकट्ठा हो गए।
महुवा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि दोनों युवक बाइक से महुवा जा रहे थे। इस दौरान सामने से आ रही कार ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सड़क से करीब 20 फीट दूर जाकर गिरी, जिसके परखच्चे उड़ गए।
मृतकों में एक युवक भविष्य भंडारी के पिता राम सिंह न्यायिक सेवा के रिटायर्ड अधिकारी हैं। इनका पूरा परिवार जयपुर में रहता है। जहां भविष्य बुक सेल्स की दुकान चलाता था। वह बीती रात ही गांव आया था। वहीं मनसुख गांव में ही मजदूरी करता था।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- विवाह प्रमाण पत्र बना ‘कमाई का जरिया’ | 10,400 की रिश्वत लेते VDO रंगे हाथों पकड़ी, ACB की बड़ी कार्रवाई
- सरकारी वकील पर रिश्वत का दाग | केस से नाम हटाने के खेल में 14 साल बाद 3 साल की सजा, ACB कोर्ट का बड़ा फैसला
- कोर्ट का सख्त फैसला | दुष्कर्म केस में आरोपी को उम्रकैद, 1 लाख जुर्माना भी लगाया
- पहले दिन ही इस्तीफा! | चंडीगढ़ के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, डॉक्टर ने खोला सिस्टम का काला सच
- वैश्विक चुनौतियों पर मंथन का मंच | दिल्ली विश्वविद्यालय में ICSRD-2026 सम्मेलन में सतत विकास पर गूंजे विचार
- रेलवे कर्मचारी 10 रुपये के शक में बर्खास्त, 24 साल भुगता दर्द! | हाईकोर्ट बोला—सबूत नहीं, फैसला गलत
- ACB के जाल पर हेड कांस्टेबल का पलटवार | रिश्वत ट्रैप में बिछी बिसात उलटी, सबूत तोड़कर फरार हुआ आरोपी
- संविधान की कसौटी पर वकालत का धर्म | भरतपुर बार में गूंजा—’अब सिर्फ पेशा नहीं, जिम्मेदारी निभाओ’
