सोनीपत (Sonipat) में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोऑपरेटिव सोसाइटी के सेल्समैन को ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी लोन लिमिट बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था।
सोनीपत
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सख्त अभियान के बीच सोनीपत से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कोऑपरेटिव सिस्टम की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोहाना क्षेत्र के बैसवाल कला गांव स्थित एक कोऑपरेटिव सोसाइटी के सेल्समैन को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सेल्समैन सुभाष पर आरोप है कि उसने सोसाइटी के सदस्य कुलदीप की एमसीएल (मैक्सिमम क्रेडिट लिमिट) बढ़ाने के बदले ₹15 हजार की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत और दबाव के बाद रिश्वत का सौदा ₹10 हजार में तय हुआ।
दरअसल, शिकायतकर्ता कुलदीप के पास पहले से एमसीएल कार्ड था, जिसके जरिए उसे ₹60 हजार तक लोन की सुविधा मिल रही थी। वह अपनी क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर करीब डेढ़ लाख रुपए करवाना चाहता था, ताकि आर्थिक जरूरतों को पूरा किया जा सके। आरोप है कि इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर सेल्समैन सुभाष ने खुलेआम रिश्वत की मांग कर दी।
भ्रष्टाचार से तंग आकर कुलदीप ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने ₹10 हजार की रिश्वत ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सोसाइटी कार्यालय से रंगे हाथों दबोच लिया।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में अब कोई भी बच नहीं पाएगा — चाहे वह किसी भी स्तर का कर्मचारी क्यों न हो।
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