भरतपुर में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित छह व्यापारियों को ट्रांसपोर्ट नगर फेज-1 में वैकल्पिक दुकानें मिलीं। व्यापार महासंघ ने इसे संघर्ष की पहली बड़ी सफलता बताया।
भरतपुर। सड़क चौड़ीकरण की जद में आए व्यापारियों के लिए लंबे समय से चल रही लड़ाई में आखिरकार पहली ठोस राहत सामने आई है। ऑटोमोबाइल मार्केट, कुम्हेर गेट के छह प्रभावित व्यापारियों को ट्रांसपोर्ट नगर फेज-1 में वैकल्पिक दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। दुकानें आवंटित होने के बाद व्यापारियों में खुशी नजर आई, लेकिन जिला व्यापार महासंघ ने साफ कर दिया कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। यह आवंटन भरतपुर जिला व्यापार महासंघ और नगर निगम के बीच लिखित सहमति के तहत किया गया। मंगलवार को अधिकारियों और व्यापारियों की मौजूदगी में लॉटरी के जरिए छह दुकानों का आवंटन किया गया।
लॉटरी में इन छह व्यापारियों के नाम निकले
पारदर्शी तरीके से हुई लॉटरी में सीता खंडेलवाल, नत्थीमल अग्रवाल, शशी अग्रवाल, बलबीर सिंह, पोखन सिंह और हरिमोहन गुप्ता को ट्रांसपोर्ट नगर फेज-1 में दुकानें मिलीं।
दुकानों के आवंटन के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों ने इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली पहली बड़ी कामयाबी बताया। अधिकारियों का माला, पुष्पगुच्छ और पटका पहनाकर सम्मान किया गया। इसके बाद मिठाई बांटकर खुशी जताई गई।
‘पहले मुआवजा, फिर सड़क चौड़ीकरण’ से निकला रास्ता
व्यापार महासंघ के जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद महासंघ ने प्रभावित व्यापारियों के पक्ष में लगातार आवाज उठाई। उनकी प्रमुख मांग थी कि ‘पहले मुआवजा, फिर सड़क चौड़ीकरण’ हो।
उन्होंने कहा कि आंदोलन, प्रशासन के साथ वार्ता और लगातार दबाव के बाद लिखित सहमति बनी और अब उसी के तहत छह व्यापारियों को वैकल्पिक दुकानें मिली हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ छह दुकानों का आवंटन नहीं बल्कि व्यापारियों के अधिकारों के लिए लड़ी गई लड़ाई की पहली ठोस सफलता है।
महासंघ ने कहा- अभी बाकी है बड़ी लड़ाई
जिला व्यापार महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि छह व्यापारियों को दुकानें मिलने से संघर्ष की दिशा जरूर आगे बढ़ी है, लेकिन बाकी प्रभावित व्यापारी अभी राहत का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने नगर निगम से मांग की कि शेष पात्र व्यापारियों के मुआवजे अथवा वैकल्पिक दुकानों की प्रक्रिया में देरी न की जाए। महासंघ तब तक व्यापारियों के साथ खड़ा रहेगा, जब तक सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित सभी पात्र व्यापारियों को उचित और सम्मानजनक राहत नहीं मिल जाती।
इस पर नगर निगम के राजस्व अधिकारी तेजराम मीणा ने आश्वासन दिया कि शेष प्रभावित व्यापारियों को भी जल्द दुकान आवंटन अथवा मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सड़कें टूटीं तो महासंघ ने उठाया दूसरा मुद्दा
दुकानों के मुआवजे के साथ व्यापार महासंघ ने सड़क चौड़ीकरण के बाद बिगड़ी यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा। महासंघ ने हीरादास से कुम्हेर गेट मार्ग सहित तोड़फोड़ और चौड़ीकरण से प्रभावित सभी रास्तों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की।
महासंघ ने कहा कि जिन मार्गों के निर्माण में अभी समय लगेगा, वहां आम लोगों और व्यापारियों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
महासंघ का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन उसकी कीमत व्यापारियों और आम लोगों को अव्यवस्था झेलकर नहीं चुकानी चाहिए। सड़क निर्माण के साथ प्रभावित व्यापारियों का पुनर्वास, मुआवजा और आवागमन की व्यवस्था भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
लॉटरी के दौरान ये अधिकारी और व्यापारी रहे मौजूद
दुकान आवंटन की प्रक्रिया के दौरान नगर निगम के राजस्व अधिकारी तेजराम मीणा, लेखाधिकारी प्रभाव सिंह, उप नगर नियोजक राजेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता सिराज खान और लिपिक सरजू सिंह मौजूद रहे।
व्यापार महासंघ की ओर से जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला महामंत्री विपुल शर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्वाज, ऑटोमोबाइल मार्केट अध्यक्ष ब्रजेन्द्र कुमार गुप्ता, सचिव निरंजन मित्तल और संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन उपस्थित रहे।
इसके अलावा दिनेश सिंघल, योगेश खंडेलवाल, विनोद चौटाला, राकेश जैन, राकेश कपूर, अनिल गुप्ता, केशव बंसल, योगेश व्यास, नरेश कपूर और राकेश खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
छह दुकानों का आवंटन होने के बाद व्यापारियों ने इसे आंदोलन की पहली सफलता माना है। अब नजर इस बात पर है कि बाकी प्रभावित व्यापारियों के लिए मुआवजा और वैकल्पिक दुकानों की प्रक्रिया कितनी जल्दी आगे बढ़ती है।
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