उदयपुर के सीटीएई में कुलगुरु प्रो. (डॉ.) प्रताप सिंह धाकड़ ने संकाय सदस्यों से संवाद कर शिक्षा, अनुसंधान और पांच वर्षीय कार्ययोजना पर जोर दिया। कार्यक्रम के बाद ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 108 पौधों का रोपण किया गया।
उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के संघटक प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) में शनिवार को ऐसा संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के विकास की दिशा और आने वाले वर्षों की कार्ययोजना पर खुलकर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) प्रताप सिंह धाकड़ ने संकाय सदस्यों से सीधा संवाद करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उपयोगी अनुसंधान और किसानों के हित में कम लागत वाली तकनीकों के विकास को विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध के साथ-साथ समाज और कृषि क्षेत्र की जरूरतों से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने संकाय सदस्यों से आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने, अंतरविभागीय समन्वय बढ़ाने, कंसल्टेंसी और प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं पर फोकस करने तथा पूर्व छात्र नेटवर्क (Alumni Network) का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही कौशल विकास कार्यक्रमों को भी मजबूती देने पर जोर दिया।
खुले संवाद में सामने आए विकास के सुझाव
कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित खुले संवाद सत्र के दौरान संकाय सदस्यों ने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कुलगुरु से विचार-विमर्श किया और अपने सुझाव साझा किए।
इस अवसर पर सीटीएई के अधिष्ठाता डॉ. सुनील जोशी ने कुलगुरु का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक और अनुसंधान उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं और मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में 75 से 80 प्रतिशत कैंपस प्लेसमेंट हो रहा है, जहां विद्यार्थियों को 6 से 7 लाख रुपये के औसत पैकेज और 16 लाख रुपये तक के उच्चतम पैकेज प्राप्त हुए हैं। उन्होंने नए बी.टेक. पाठ्यक्रमों के प्रस्तावित संचालन की जानकारी भी साझा की।
विभागाध्यक्षों ने प्रस्तुत किया उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड
बैठक के दौरान विभिन्न विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान परियोजनाओं, पेटेंट, शोध प्रकाशनों, प्लेसमेंट, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं तथा उद्योगों के साथ सहयोगात्मक गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अतिथि संकाय और RHTEQIS संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विनोद यादव ने किया, जबकि संचालन कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना जैन ने किया। अंत में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. बी.एल. सालवी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाए 108 पौधे
संवाद कार्यक्रम के बाद महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत कुलगुरु प्रो. (डॉ.) प्रताप सिंह धाकड़ के नेतृत्व में संकाय सदस्यों ने 108 पौधों का सामूहिक पौधरोपण किया।
इस अवसर पर कुलगुरु ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के भी मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्राकृतिक संतुलन, जैव विविधता संरक्षण, जल एवं मृदा संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों और कर्मचारियों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को हरित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
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