राजस्थान के कारोबारियों (Rajasthan Business) को बड़ी राहत मिली है। GSTAT (GST Tribunal) की जयपुर पीठ ने हाइब्रिड मोड में जीएसटी अपीलों (GST Appeal) की सुनवाई शुरू कर दी है। अब टैक्स विवादों के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
जयपुर। राजस्थान के व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर आई है। अब जीएसटी से जुड़े अपील मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल (GSTAT) की जयपुर पीठ ने हाइब्रिड मोड (फिजिकल और वर्चुअल) में अपीलों की सुनवाई शुरू कर दी है। इसे राजस्थान के हजारों करदाताओं और कारोबारियों के लिए एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अब समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी, साथ ही जीएसटी विवादों का निस्तारण भी पहले की तुलना में अधिक तेज़ी से हो सकेगा।
‘व्यापार जगत की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई’
राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने कहा कि जयपुर में GSTAT पीठ शुरू होना प्रदेश के व्यापार और उद्योग जगत की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति है। अब करदाताओं को अपील की सुनवाई के लिए बार-बार दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, जिससे न्याय तक पहुंच आसान होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अपीलीय अधिकरण उपलब्ध होने से कर विवादों के समाधान में तेजी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों पर अनावश्यक कानूनी बोझ भी कम होगा।
दूरदराज के जिलों को भी मिलेगा लाभ
GSTAT जयपुर पीठ की सबसे बड़ी विशेषता इसका हाइब्रिड मोड है। यानी करदाता और उनके अधिकृत प्रतिनिधि चाहें तो जयपुर पहुंचकर या फिर वर्चुअल माध्यम से भी अपने मामले की पैरवी कर सकेंगे। इससे प्रदेश के दूरस्थ जिलों के कारोबारियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
यहां से संचालित होगी जयपुर पीठ
फिलहाल GSTAT की जयपुर पीठ अपने अस्थायी कार्यालय तृतीय तल, प्लॉट संख्या-20, सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्र, बाइस गोदाम, जयपुर से संचालित होगी।
चैम्बर ने कारोबारियों और टैक्स प्रोफेशनल्स से अपील की है कि वे GSTAT के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जारी होने वाली Cause List नियमित रूप से देखते रहें, ताकि सुनवाई की तारीख और मामलों की सूची से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सके।
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि जयपुर पीठ की शुरुआत से राजस्थान में कर विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और प्रदेश का कारोबारी माहौल भी मजबूत होगा।
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