जयपुर
राजस्थान में व्यापारियों के विरोध के बाद गहलोत सरकार एक बार फिर बैकफुट पर आ गई। उसने पटाखों पर लगी रोक को हटा लिया है। सरकार ने एनसीआर में शामिल अलवर, भरतपुर के क्षेत्र को छोड़ पूरे राजस्थान में ग्रीन पटाखे और ग्रीन आतिशबाजी बेचने और चलाने की अनुमति दी है। पटाखों को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में पटाखों, आतशबाजी बेचने और चलाने पर लगी रोक हटाते हुए केवल ग्रीन पटाखे, ग्रीन आतिशबाजी चलाने की अनुमति दे दी है।
आपको बता दें कि गहलोत सरकार ने हाल ही में प्रदेशभर में शिक्षकों की दिवाली की छुट्टियों पर रोक लगा दी थी। उससे शिक्षकों में भारी असंतोष पैदा हो गया था। उन्होंने जब आंदोलन की धमकी तो 24 घंटे में गहलोत सरकार ने छुट्टियां बहाल कर दीं।
इसी तरह गहलोत सरकार ने 30 सितंबर को एक आदेश जारी करते हुए 1 अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक प्रदेश में आतिशबाजी पर बैन लगा दिया था। इस आदेश के मुताबिक पटाखे चलाने, खरीदने और बेचने पर पाबंदी जारी की गई थी। लेकिन प्रदेशभर में व्यापारियों में बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब गहलोत सरकार ने यह आदेश भी वापस लेते हुए संशोधित आदेश निकाल दिया है। इसके अनुसार राजस्थान में दिल्ली एनसीआर के इलाके के छोड़कर बाकी सभी जिलों में इको फ्रैंडली आतिशबाजी करने, खरीदने-बेचने की अनुमति होगी।
गाइड लाइन के अनुसार ग्रीन आतिशबाजी के लिए टाइम स्लॉट तय किया है, उसी टाइम स्लॉट में आतिशबाजी कर सकेंगे। दिवाली, गुरुपर्व और अन्य त्योहारों पर रात 8 से 10 बजे तक आतिशबगाजी की अनुमति होगी। छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 बजे तक आतिशबाजी की अनुमति होगी। क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ग्रान आतिशबाजी की जा सकेगी।
ऐसे करें ग्रीन आतिशबाजी की पहचान
ग्रीन आतिशबाजी की पहचान प्रत्येक आतिशबाजी के बॉक्स पर नीरी (NEERI) की ओर से जारी किए गए QR कोड को स्कैन करके की जा सकती है। जिस शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स Poor या उससे खराब है, वहां पर उस दिन आतिशबाजी चलाने पर रोक रहेगी। एयर क्वालिटी इंडेक्स की जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से ज्ञात की जा सकती है।
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