जोधपुर
राजस्थान के जोधपुर जिले में शेरगढ़ की कांग्रेस विधायक मीना कंवर के जेठ के बेटे का पुलिस ने चालान क्या काटा तो विधायक और उनके पति बुरी तरह उखड़ गए। विधायक, पति सहित थाने पहुंच गईं और धरने पर बैठ गईं। यही नहीं विधायक पुलिस थाने में कह रही हैं, “बच्चे सबके पीते हैं, क्या हो गया थोड़ी पी ली तो।” विधायक और उनके पति का इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
मामला जोधपुर के रातानाड़ा थाना इलाके का है। शेरगढ़ से कांग्रेस विधायक मीना कंवर के जेठ के बेटे का शराब के नशे में गाड़ी चलाते पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट में चालान कर दिया। पहले तो विधायक के पति उम्मेद सिंह राठौड़ ने संबंधित पुलिसकर्मी से आग्रह किया कि वह उनका रिश्तेदार है। लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माना तो विधायक और उनके पति थाने पहुंच गए। पुलिसकर्मी कानून का हवाला देते हुए गाड़ी को सीज करने की बात कहता रहा। यहां दोनों पुलिसकर्मियों के सामने ही थाने की फर्श पर बैठ गए। इसके बाद भी विधायक आग्रह करती रहीं, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माना और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया।
कांग्रेस पार्टी से विधायक मीना कंवर और उनके पति ने अपना परिचय देते हुए पुलिसकर्मियों धमकाया और जमकर हंगामा किया।। इस घटना का एक पुलिसकर्मी वीडियो बना रहा था। विधायक ने वीडियो बनाने वाले को भी चेतावनी दे दी। विधायक खुली चेतावनी देते हुए कह रही हैं कि आप वीडियो बना रहे हो, यह अच्छा नहीं कर रहे हैं, यह बंद कर दीजिए।
विधायक के पति पुलिसकर्मी को विधायक के सामने कुर्सी पर बैठने पर भी टोकते नजर आए। जिस लड़के का चालान काटा गया वो विधायक के जेठ मोती सिंह का बेटा है। युवक का नाम पारस राठौड़ (25) है, जो जोधपुर से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भी सवाल उठ रहे हैं कि विधायक का ऐसे मामले में थाने जाकर हस्तक्षेप करना ठीक नहीं था, क्योंकि पुलिस तो कानून के अनुसार अपना काम कर रही थी।
यह था मामला
रविवार रात 10.30 बजे एयर फोर्स इलाके में पुलिस की गश्ती दल ने दो लोगों को पकड़ा और MVI एक्ट के तहत उनका चालान बना दिया। चालान बनाने के बाद गाड़ी को सीज किया गया। इसके के बाद युवक ने अपने रिश्तेदार शेरगढ विधायक मीना कंवर के पति उम्मेद सिंह राठौर को फोन लगाया। उम्मेद सिंह की पुलिस से बात करवा दी। कानून के दायरे में बंधे पुलिस के जवान ने उन्हें कहा कि उन्होंने चालान बना दिया है और अब गाड़ी सीज हो चुकी है। वह गाड़ी छोड़ने में असमर्थ है।
शेरगढ़ विधायक मीना कंवर का कहना है कि पुलिस का रवैया आहत करने वाला रहा। मेरे जेठ का बच्चा अपने दोस्तों के साथ पार्टी से लौट रहा था। पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई। मैंने फोन पर पुलिस से बात की। मुझे कहा गया कि कौन विधायक और किसका बच्चा। हम इसे थाने ले जाएंगे और रातभर वहीं रखेंगे। मैं अपने पति के साथ थाने पहुंची। वहां बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई। मुझे नीचे बैठना पड़ा। पुलिस वाले गालियां बक रहे थे।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- उदयपुर में ‘मिनी मिलिट्री अकादमी’ का नजारा | 600 NCC कैडेट सीख रहे ड्रोन उड़ाना, फायरिंग और नेतृत्व के गुर
- कुरुक्षेत्र अस्पताल विवाद में नया मोड़ | नर्सों को बलि का बकरा बनाने का आरोप, डीएमए ने उठाए सवाल
- अब कागज की पर्ची नहीं चलेगी | 15 जून से ई-पर्ची के बिना नहीं मिलेगी RGHS की दवा
- रसोई से राष्ट्र निर्माण तक: सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों को दिया नया दर्जा | कहा- सिर्फ होममेकर नहीं, ‘नेशन बिल्डर’ हैं महिलाएं
- सुबह दौड़ने निकला था सौरभ, दोपहर तक पहुंच गया मोर्चरी में | प्रेम प्रसंग की चर्चा के बीच गांव में युवक की हत्या
- 1500 किसान, एक मंच और ‘जहर मुक्त खेती’ का संकल्प | चित्तौड़गढ़ में प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा मंथन
- कुर्सी से उठे अफसर-कर्मचारी, योग मैट पर जुटे विभाग | उदयपुर में योग और हार्टफुलनेस ध्यान से दिया तनावमुक्त जीवन का संदेश
- कुतुब मीनार पर चमकी गोडावण की कहानी | कभी राष्ट्रीय पक्षी बनने की दौड़ में था, अब बचाने की जंग का बना चेहरा
- नारी चौपाल में गूंजी महिला सशक्तिकरण की आवाज | योजनाओं की जानकारी के साथ आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश
- ‘शिक्षा विभूषण’ से लेकर ‘शिक्षा श्री’ तक… किसे मिलेगा कौन-सा सम्मान? | शिक्षा विभाग ने जारी किए नए मानदंड
