शिवपुरी
मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कोलारस जिला सहकारी बैंक 80 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक में काम करने वाले कैशियर ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर इसे अंजाम दिया। लेकिन जब गबन का खुलासा हुआ, तो कैशियर अपने परिवार के साथ फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार आरोपी कैशियर का नाम भृत्य राकेश पाराशर है। पहले वह इसी बैंक में चपरासी था और बाद में प्रबंधन ने बैंक में 2013 में कर्मचारियों का हवाला देते हुए उसे कैशियर बना दिया। 2013 से 2021 तक वह इस पद पर गबन करता रहा। आरोप है कि राकेश ने इस घोटाले में अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों को भी शामिल कर लिया। लेकिन अब वह परिवार के साथ फरार हो गया है।
तीन महाप्रबंधक बदल गए पर घोटाला पकड़ में नहीं आया
दिलचस्प बात ये है कि बैंक में इस गबन के दौरान तीन महाप्रबंधक बदल गए, लेकिन इस गबन पर किसी की नजर नहीं पड़ी। राजधानी भोपाल से जब जांच बैठी, तब इस गबन का खुलासा हुआ। यह घोटाला बैंक के तीन महाप्रबंधकों के कार्यकाल में होता रहा, लेकिन किसी को पता तक नहीं चला। इस घोटाले के दौरान शाखा प्रबंधक रहे श्रीकृष्ण शर्मा का निधन हो चुका है और एक अन्य राकेश कुलश्रेष्ठ रिटायर हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा, जो भी लोग इस घोटाले में शामिल हैं, उनके खिलाफ एक दो दिन में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इससे पूर्व जब जांच दल ने जांच की शुरूवात की थी जब कोलारस शाखा के कैशियर राकेश पाराशर पर 5 करोड़ रूपए गायब करने का आरोप था। राकेश पाराशर पर कोलारस थाने में एफआईआर हो चुकी हैं और अब पूरा का पूरा पाराशर परिवार कोलारस से गायब हैं। प्रशासन ने राकेश पाराशर की सपत्ति पर अधिग्रहण और कुर्की के वारंट चस्पा कर दिए हैं।
5 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन
इस मामले में 5 अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की गई है। सीसीबी बैंक के महाप्रबंधक लताकृष्णन का कहना है कि गबन के समय ध्यान नहीं देने के चलते फिलहाल कोलारस शाखा प्रभारी रामप्रकाश त्यागी, सहायक लेखपाल हरवंश शरण श्रीवास्तव और सीबीएस प्रभारी प्रभात भार्गव को निलंबित कर दिया गया है। घोटालेबाजों के द्वारा अपने परिजनों और परिचितों को भी इस घाटाले में शामिल कर सरकारी राशि को ठिकाने लगाया गया है।
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