नई दिल्ली
कोरोना की दूसरी लहर बैंकिंग कर्मचारियों के लिए घातक बनती जा रही है। देश भर में पहली और दूसरी लहर में अब तक 1 लाख बैंककर्मी कोरोना से प्रभावित हो चुकेहैं। जबकि 1 हजार कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। स्थिति ये हो गई है कि एक के बाद एक बैंककर्मियों के संक्रमित निकालने के कारण कई राज्यों में बैंक की शाखाओं को बंद कर दिया गया है तो कुछ में कम कर्मचारियों को ही बुलाया जा रहा है। पिछले साल कोरोना महामारी के कारण 600 बैंक कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई थी।
आपको बता दें कि देशभर में करीबन 15 लाख बैंककर्मी हैं। पिछले कोरोना से लेकर अब तक कुल 1 लाख कर्मचारी इसकी चपेट में आए हैं। गुजरात में 15 हजार बैंक कर्मचारी पॉजिटिव हैं और इसमें से 30 की मौत हो चुकी है। यहां पर 9,000 शाखाओं में कुल 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश में 3,672 कर्मचारी कोरोना से पॉजिटिव हैं। 46 की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा शाखाएं हैं।इस कारण वहां सबसे ज्यादा बैंक कर्मचारी कोरोना से पॉजिटिव हैं।
जो बैंक कर्मचारी कोरोना से प्रभावित हैं, उन्हें मुआवजा मिले
ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयीज एसोसिएशन (AIBEA) का कहना है कि बैंकिंग कर्मचारियों को कोरोना वॉरियर्स मानकर उन्हें सभी सुविधाएं देनी चाहिेए। एसोसिएशन के अनुसार देश में कोरोना से मौतों की संख्या 0.001% है जबकि बैंकिंग सेक्टर में यह 0.006% है। सरकार जब डिजिटल बैंकिंग में इतनी तेजी से काम कर रही है तो ऐसे में शाखाओं को 100% चालू रखने की जरूरत नहीं है। वैसे कुछ राज्यों में नियमों के मुताबिक, शाखाओं में 15 या फिर 50% ही कर्मचारियों की उपस्थिति से काम हो रहा है। फिर भी बैंकिंग शाखाओं को पूरी तरह से खोलना सही नहीं दिख रहा है। एसोसिएशन ने इस संबंध में सरकार को पत्र भी भेजा है, पर सरकार की ओर से कोई अमल नहीं हुआ है। AIBEA ने मांग की कि जो बैंक कर्मचारी कोरोना से प्रभावित हैं, उन्हें मुआवजा मिले। इसके लिए सरकार की स्कीम भी है।
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