चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना क्षेत्र में कार का पहिया निकल जाने से कार सवार जज और उनका बेटा घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया।
जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ के विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट राकेश गोयल और उनका पुत्र दिशांक मंगलवार को कोटा की ओर से चित्तौड़गढ़ कार से आ रहे थे। इसी दौरान पारसोली थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा के समीप टायर पंक्चर हो जाने के चलते गाड़ी का पिछला टायर निकल गया और कारअनियंत्रित होकर पलट गई।
इससे दोनों घायल हो गए। इसकी सूचना मिलने पर पारसोली थानाधिकारी रामदेवसिंह बिधूड़ी मौके पर पहुंचे। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पारसोली में भर्ती करवाया गया।यहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद चित्तौड़गढ़ रेफर कर दिया गया।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- पति-पत्नी अब रेलवे में अलग-अलग शहरों में नौकरी करने को मजबूर नहीं? नए नियमों में ट्रांसफर का रास्ता हुआ आसान | एक स्टेशन पर पोस्टिंग की कोशिश से लेकर शिकायत तक, जानिए क्या बदला
- Himachal News: 100 फीट गहरी खाई में समाई प्राइवेट बस, 7 की मौत | 11 घायल, कई की हालत गंभीर; मृतकों के सामने आए नाम
- भरतपुर में भारी बारिश का अलर्ट, कल सभी स्कूल और आंगनबाड़ी रहेंगे बंद | जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश
- जब माखन चोर कृष्ण और शिव भक्ति मंच पर उतरे… | भरतपुर के दो स्कूलों में मणिपुरी नृत्यांगना इवाना सरकार ने बच्चों को सिखाई भारतीय संस्कृति की अनोखी भाषा
- राजस्थान कैबिनेट का बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ | कर्मचारियों को मिला बड़ा बीमा तोहफा, अब चुनाव भी बदलेंगे… जानिए 7 सबसे बड़े फैसले
- राजस्थान में फिर लौट रहा ‘मानसून का पावरफुल दौर’ | 10 अगस्त तक कई जिलों में मूसलाधार बारिश, IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी
- बांदीकुई को एक दिन में मिली विकास की ‘डबल डोज’ | बस स्टैंड से अस्पताल, कंप्यूटर लैब से खाटूश्याम बस सेवा तक करोड़ों की सौगात
- असमनी राजस्थान ने किया बड़ा संगठनात्मक विस्तार | नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, जिला स्तर तक होगा संगठन का विस्तार
- 10 हजार फीट की ऊंचाई पर एमपीयूएटी की बेटियों ने लहराया परचम | 110 किमी ट्रेक पूरा कर खुशी नागदा और वैशाली मीणा ने बढ़ाया विश्वविद्यालय का गौरव
- ‘गुरु में गुरुत्व है, तभी वंदन का अधिकारी है’ | रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में गुरु वंदन कार्यक्रम, भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा पर हुआ मंथन
