कोटा
ACB कोटा की टीम ने मंगलवार को कालीसिंघ थर्मल पावर प्लांट झालावाड के अधीक्षण अभियंता सिविल (SE ) विनोद कुमार खटीक को 85 हजार की घूस लेते हुए दबोच लिया। उसने यह घूस छबड़ा पावर प्लांट में गार्डन मेंटिनेंस के कार्य का भुगतान करने की एवज में मांगी थी।
आरोपी ने रिश्वत की राशि देने परिवादी को कालीसिंघ थर्मल पावर प्लांट झालावाड में बुलाया। आरोपी ने रिश्वत के रुपए ऑफिस के सोफे के नीचे रखवाए। तभी ACB ने SE को दबोच लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB कोटा ठाकुर चन्द्रशील ने बताया कि एक परिवादी ने 1 नवम्बर को शिकायत दी कि परिवादी व उसके पार्टनर को फर्म ने पावर ऑफ अटॉर्नी से छबड़ा थर्मल पावर प्लांट जिला बारां व कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट जिला झालावाड़ में गार्डन मेंटेनेंस का कार्य का ठेका दिया हुआ है। SE विनोद कुमार खटीक का 1 माह पहले ही छबड़ा थर्मल पावर प्लांट से कालीसिंघ पावर प्लांट में ट्रांसफर हुआ है।
उनके द्वारा छबड़ा थर्मल के कार्य से संबंधित 29 लाख के पास किए गए बिल व अन्य बिलों के 8 लाख के बिलों का भुगतान रोक दिया जिसकी एवज में SE कमीशन मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा 85 हजार की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद ACB टीम ने विनोद खटीक को दबोचा और रिश्वत की रकम 85 हजार सोफे की सीट के नीचे से बरामद की। विनोद कुमार खटीक मूलरूप से खातोला ग्राम नेकडिया थाना आसींद जिला भीलवाड़ा का निवासी है। वर्तमान में थर्मल कॉलोनी सगतपुरा कोटा में रहता है।
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