बुरहानपुर (मध्यप्रदेश)
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले से बोरबन तालाब अधिग्रहण में गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन एसडीएम और झाबुआ की डिप्टी कलेक्टर विषा माधवानी समेत 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। बुरहानपुर एसपी ने बताया कि, इन लोगों पर आदिवासी ब्लॉक खकनार के 15 आदिवासी किसानों के साथ 42 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा हुआ है, जिसमें विषा माधवानी समेत 9 लोगों को आरोपी माना गया है। मामला नेपानगर के चौखंडिया का है, इसमें घोटाले की कार्रवाई नेपानगर पुलिस कर रही है। अपुष्ट खबरों के अनुसार पुलिस ने केस दर्ज कर 5 लोगों को राउंडअप कर लिया है। इनमें आरोपी एसडीएम बताई गईहै। वर्तमान में SDM विशा माधवानी झाबुआ जिले में तैनात हैं।
यह है मामला
साल 2018-2019 में बोरबन तालाब निर्माण में 15 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जिसकी आधी राशि निर्माण और आधी राशि मुआवजे पर खर्च हुई थी। इसी में आदिवासी रामेश्वर कल्लू की 15 एकड़ जमीन भी शामिल थी, उसे भी मुआवजे की राशि देनी थी। लेकिन, इसी बीच आरोप लगा कि, संबंधित अफसरों और बैंक कर्मियों ने मिलकर फर्जीवाड़े से हितग्राहियों के नाम का फर्जी खाता खोला है, जिसकी मदद से इन्होंने 42 लाख रुपये निकाले हैं।
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45 दिन तक चली जांच
मामले की 45 दिन तक जांच चली, जिसके बाद विशा माधवानी समेत उनके लिपिक पंकज पाटे, बैंक मैनेजर अशोक नागनपुरे, बैंककर्मी अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान समेत अन्य लोगों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई। मामले की जांच बुरहानपुर ADM द्वारा की गई थी। बुरहानपुर पुलिस की ओर से कार में महिला पुलिस की टीम झाबुआ पहुंची थी। यहां माधवानी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के लिए बुरहानपुर लाया गया है।
