नई हवा ब्यूरो
क्या थी शिकायत: IPS ने 6 लाख की मासिक बंधी नहीं देने पर क्रशर कारोबारी को गोलियों से भून दिया था
प्रयागराज/ डूंगरपुर। पुलिस एक ऐसे IPS अफसर की तलाश में कई राज्यों का चप्पा-चप्पा छान रही है जिसने एक क्रशर कारोबारी को इसलिए गोलियों से भून दिया क्योंकि उसने इस आईपीएस को मासिक बंधी के 6 लाख रुपए नहीं पहुंचाए थे। वारदात के बाद से ही यह IPS अफसर फरार है। उत्तर प्रदेश में वॉन्टेड एक लाख का इनामी अपराधी घोषित किया जा चुका है। उसे तलाशने के लिए पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। अभी UP पुलिस की एक टीम राजस्थान के डूंगरपुर जिले में उसे तलाशते हुए पहुंची थी। डूंगरपुर जिले में इस IPS अफसर का पैतृक गांव है। परिवार के लोग इसी गांव में अब भी रहते हैं। यह IPS अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इसलिए अब उसकी करीब 50 करोड़ की चल और अचल सम्पत्ति को कुर्क करने की तैयारी चल रही है। दिलचस्प ये है कि यह IPS अफसर पुलिस की गिरफ्त में भले ही नहीं आया, पर वह परिवार को बेधड़क मदद पहुंचा रहा है। अभी खुलासा हुआ है कि उसने अपने परिजनों के खाते में 17 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं।
इस IPS का नाम है मणिलाल पाटीदार (Former SP Manilal Patidar)। उसकी उत्तर प्रदेश में महोबा (Mahoba) में बतौर SP तैनाती थी। इसी दौरान सके खिलाफ 6 लाख की मासिक बंधी नहीं पहुँचाने पर क्रशर कारोबारी की गोली मार कर हत्या कर देने की शिकायत दर्ज हुई थी। बस तभी से वह फरार है। उस पर पहले पचास हजार का इनाम घोषित कर दिया था। पर वह पकड़ में नहीं आया तो हाल ही में एडीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश ने आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर एक लाख का इनाम घोषित कर दिया। पिछले 8 माह से फरार मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई हैं। अब पुलिस की टीमों ने पाटीदार के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारियों भी शुरू कर दी है। उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी शुरू हो गई है। उसे निलम्बित भी क्या जा चुका है। एक माह के भीतर कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर एसआईटी के विवेचक प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर कबरई थाने में धारा 174-A के तहत केस दर्ज किया गया है।
राजस्थान के सागवाड़ा पहुंची पुलिस, परिजनों से की पूछताछ
IPS मणिलाल पाटीदार की तलाश में दो टीमें प्रयागराज से और दो टीमें महोबा से गृह जनपद राजस्थान के डूंगरपुर और गुजरात के अहमदाबाद भी गई थीं। सूत्रों के अनुसार सात जून को प्रयागराज से गई टीम डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र के सरोदा कस्बे में पहुंची। यहां पर मणिलाल पाटीदार का पैतृक घर है। यहां पर पुलिस की टीम ने पाटीदार के पिता राम जी, माता हुक्की देवी, पत्नी रमिला, बेटा प्रिंस और आरव के साथ भाई हरीश पाटीदार से पूछताछ की है। UP पुलिस ने पाटीदार की चल-अचल संपत्ति की भी जांच पड़ताल की है।
पिता के नाम खरीदी 2 बिस्वा जमीन, गुजरात में लिया एक फ़्लैट
लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने मणिलाल पाटीदार के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी कर रखा है। आईजी रेंज के स्तर से एसआईटी भी गठित है। इसके बावजूद पाटीदार को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। लिहाजा प्रयागराज पुलिस ने उनकी नामी और बेनामी संपत्तियों को खंगालना शुरू कर दिया है। पता चला है कि सरोदा में पैतृक आवास के साथ ही हाल में ही में इसी कस्बे में 2 बिस्वा जमीन जून 2020 में खरीदी गई है, जो मणिलाल पाटीदार के पिता के नाम पर लिखाई गई है। इसके साथ ही गुजरात के अहमदाबाद में भी एक फ्लैट का पता चला है, जो मणिलाल पाटीदार के नाम पर है। इसके अलावा दुकान, मकान, समेत तीन अन्य संपत्तियों का भी पता चला है। सूत्रों के मुताबिक अब तक मणिलाल पाटीदार की कुल 5 संपत्तियों को चिह्नित किया जा चुका है। राजस्थान में इनकी वर्तमान कीमत करीब 50 करोड़ रुपए है। मणिलाल पाटीदार के सरेंडर न करने पर पुलिस इन संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी कर रही है।
फरारी के बाद परिजनों को ट्रांसफर किए 17 लाख
UP पुलिस ने एक लाख के इनामी फरार और निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार को लेकर परिजनों के बैंक के अकाउंट की जांच के बाद एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार पाटीदार ने परिजनों के खाते में 17 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। अब उससे जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है कि व्हाट्सएप कॉल के जरिए वह अपने परिजनों से लगातार संपर्क में है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि मणिलाल ने पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के खाते में 17 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। पुलिस का कहना है कि फरारी के दौरान पाटीदार की ओर से परिजनों के खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
प्रॉपर्टी के साथ ही बैंकों के ट्रांजैक्शन को भी खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब प्रॉपर्टी के साथ ही बैंकों के ट्रांजैक्शन को भी खंगालने में जुटी है। इससे पहले जानकारी आई थी कि मणिलाल पाटीदार की राजस्थान और गुजरात में प्रॉपर्टी है। पुलिस प्रॉपर्टी को कुर्क करने की तैयारी कर रही है और जल्द ही इस संबंध में कोर्ट की इजाजत ली जाएगी।
हाईकोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी
मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी न होने पर पिछले मई महीने में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। इसके बाद से महोबा जिले की तीन और प्रयागराज जिले की दो टीमों को भगोड़े आईपीएस की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। इसमें एसटीएफ की टीम भी शामिल है। पुलिस की पांच टीमें लगी होने के बावजूद अभी तक फरार आईपीएस पाटीदार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एसपी क्राइम प्रयागराज आशुतोष मिश्रा का कहना है कि फरार अभियुक्त की तलाश में टीमें लगी हैं।
यह है पूरा मामला
आईपीएस मणिलाल महोबा के एसपी थे। उनके कार्यकाल के दौरान महोबा के कबरई थाना क्षेत्र के रहने वाले क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर, 2020 को संदिग्ध हालत में गोली लग गई थी। इंद्रकांत ने इलाज के दौरान कानपुर के एक निजी अस्पताल में 13 सितंबर को दम तोड़ दिया। इंद्रकांत की मौत के बाद उनके भाई रविकांत ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि मणिलाल उनके भाई से हर महीने 6 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था, लेकिन जब उन्होंने देने से मना कर दिया तो मणिलाल ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। तब से मणिलाल पाटीदार फरार चल रहा है।
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