हलैना (भरतपुर)
भरतपुर संभाग के भरतपुर व सवाईमाधोपुर जिले में अमरूद की आवक शुरू होते ही कृषक एवं मजदूरों के चेहरे पर मुस्कराहट झलकने लगी है। उपखण्ड वैर, भुसावर व बयाना में 15 हजार से अधिक बीघा भूमि पर अमरूद की बागवानी है।
इस बार अमरूद की पैदावार पर मौसम का प्रभाव बना हुआ है। कहीं अमरूद की अच्छी एवं कहीं कम पैदावार है। वैर उपखण्ड के गांव जटवलाई की सरपंच किस्म अमरूद की देश के कई प्रान्तों की मण्डियों से आने लगी है, जो भरतपुर की मण्डी में 70 से 90 रूपए प्रति किलोग्राम थोक भाव से बिक रहा है। जिले के फल विक्रेता इस किस्म के अमरूद को कई दिन पहले बुक करा देते हैं।
जटवलाई निवासी कृषक महिला रंजीता चौधरी ने बताया कि एमए बीएड करने के बाद मुझे सरकारी नौकरी से अच्छा अमरूद की बागवानी लगी। मेरे ससुर होतीसिंह ने लुपिन से प्रेरणा लेकर साल 2005 में करीब 20 वीद्या भूमि पर एक हजार से अधिक अमरूद के पेड लगाए जिनसे प्रतिदिन 20 से 30 हजार की आय हो रही है। बाग के अमरूद प्रतिदिन भरतपुर की मण्डी में बिकने जा रहे हैं। उक्त बागवानी में संगीता चौधरी की विशेष सहयोग है।
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