जयपुर
राजस्थान सरकार 26 सितम्बर को सम्पन्न हुई REET परीक्षा में अवैध और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने जा रही है। सरकार की ओर से पिछले दिनों लिए गए फैसले के अनुसार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा से बर्खास्तगी भी अब तय लग रही है।
सरकार ने शिक्षा विभाग के प्राम्भिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को सोमवार को इस बाबत निर्देश जारी किए और कहा कि वे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लिए गए एक्शन से आज ही अवगत कराएं और इनके सूची सरकार को भेजें।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल के हस्ताक्षरों से जारी इन निर्देशों में शिक्षा विभाग के प्राम्भिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को ध्यान में दिलाया गया कि सरकार के प्रसंज्ञान में यह आया है कि REET परीक्षा के दौरान विभाग के कई कर्मचारी और अधिकारियों की गतविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। कई जगहों पर तो इनको गिरफ्तार तक किया गया है। इसलिए ऐसे कार्मिकों के खिलाफ सख्त एक्शन लेकर अवगत कराएं।
निर्देशों में 23 सितम्बर की मीटिंग का हवाला
इन निर्देशों में 23 सितम्बर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में REET को लेकर आयोजित बैठक के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि इस बैठक में राजस्थान के इतिहास में पहली बार सरकार ने यह फैसला किया कि REET परीक्षा में जो भी सरकार का कर्मचारी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो उसे सीधे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा और इसी तरह जो भी निजी संस्थान संदिग्ध पाए गए, उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने 23 सितम्बर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में लिए गए फैसले के परिप्रेक्ष्य में आज ये निर्देश जारी किए। आपको बता दें कि इस बार REET परीक्षा में नक़ल और डमी उम्मीदवारों की बड़ी तादाद में शिकायतें आई हैं जिनमें शिक्षा विभाग और पुलिस व अन्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है। सूत्रों के अनुसार सरकार की ओर से ऐसा ही पत्र शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी भेजा गया है।
क्या निजी संस्थानों के खिलाफ भी एक्शन लेगी सरकार?
सरकार ने संदिग्ध पाए गए निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता निरस्त करने का फैसला 23 सितम्बर की मीटिंग में किया था। REET परीक्षा में प्रदेश के तमाम जिलों में ऐसी कई संस्थाओं के बारे में लगातार शिकायतें आ रही हैं। अब मांग की जा रही है कि इनके खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाए।
एक्शन में विभाग
सरकार के आदेश मिलते ही विभाग के अधिकारी एक्शन मोड़ में गए और तकाल माध्यमिक शिक्षा के सहायक निदेशक ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को एक फार्मेट भेज कर तकाल सूचना भेजने को कहा है।
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