पाई-1 ऐच्छर शाखा में 200 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा, CBI की एंट्री, पूरा स्टाफ सस्पेंड और लॉकर से गहने गायब। पढ़ें पूरी वायरल खबर।
ग्रेटर नोएडा: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की पाई-1, ऐच्छर गांव शाखा में हुआ करोड़ों का घोटाला अब दिन-ब-दिन और भी ज्यादा भयानक रूप लेता जा रहा है। शुरुआत में इस हेराफेरी का आंकड़ा सिर्फ 35 करोड़ रुपये आंका गया था, लेकिन अब जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हो सकता है, जिससे 350 से अधिक खाताधारकों की नींद उड़ गई है।
नोएडा एयरपोर्ट के मुआवजा धारक बने निशाना
शुरुआती पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला अंदेशा जताया गया है कि इस पूरे खेल में मुख्य रूप से उन किसानों और जमीन मालिकों को टारगेट किया गया, जिन्हें नोएडा एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने पर भारी-भरकम मुआवजा मिला था। आरोप है कि शातिर दिमाग ठगों ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से खाताधारकों की बिना जानकारी और अनुमति के उनके सेविंग खातों और एफडी (FD) से पैसे उड़ा लिए। हद तो तब हो गई जब अब बैंक के लॉकरों में रखे सोने-चांदी के गहने भी गायब मिलने की शिकायतें सामने आने लगी हैं।
सीबीआई की एंट्री और आरोपी अधिकारियों की भूमिगत छिपकली चाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ताबड़तोड़ जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने पीएनबी के सेक्टर-1 स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से पिछले दो सालों में तैनात रहे कर्मचारियों और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन का पूरा कच्चा-चिट्ठा तलब कर लिया है। उधर, बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW), मेरठ को ट्रांसफर करने के लिए पत्र लिख दिया है।
जैसे ही इस महाघोटाले में नाम सामने आए, बैंक के पांच बड़े अधिकारी तुरंत अंडरग्राउंड (भूमिगत) हो गए हैं और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की जुगत में लग गए हैं। वहीं, बैंक के दिल्ली-एनसीआर जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि मुख्य स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है और ग्राहकों का एक-एक पैसा वापस लौटाया जाएगा। हालांकि, गुरुवार को तीन खाताधारकों को रकम मिलने के बावजूद बैंक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बैंक के बाहर किसानों का हल्ला बोल और धरने पर हंगामा
पीएनबी शाखा के बाहर खाताधारकों का सैलाब उमड़ पड़ा। अपनी गाढ़ी कमाई और एफडी की सुध लेने पहुंचे लोग जब बैंक कर्मियों से भिड़े तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गुस्से से आगबबूला हुए पीड़ित खाताधारकों ने किसान संगठनों के साथ मिलकर बैंक के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए बैंक के अंदर-बाहर भारी पुलिस फोर्स और गार्ड तैनात करने पड़े।
क्या बैंक कर्मचारियों की किसी बड़े साइबर ठग गिरोह के साथ सीधी साठगांठ थी? EOW और सीबीआई की आगामी जांच में इस राज से भी जल्द पर्दा उठने की उम्मीद है।
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