मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स को प्रवासी राजस्थानियों और NRIs से संपर्क के लिए विशेष समिति बनाने का सुझाव दिया। नवंबर में व्यापारियों से संवाद प्रस्तावित है।
जयपुर। राजस्थान में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने और प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश से जोड़ने की तैयारी तेज हो रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) से ऐसी विशेष समिति बनाने को कहा है, जो प्रवासी राजस्थानियों और अनिवासी भारतीयों (NRIs) से संपर्क कर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करे। प्रवासी राजस्थानी दिवस सम्मेलन से पहले व्यापारियों और उद्यमियों के साथ संवाद की तैयारी भी इस पहल का हिस्सा है।
राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर भजनलाल शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के व्यापार, उद्योग, निवेश और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया।
नवंबर के तीसरे सप्ताह में व्यापारियों से रूबरू होंगे मुख्यमंत्री
बैठक का एक अहम पहलू राजस्थान चैंबर भवन में प्रस्तावित संवाद रहा। चैंबर अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने मुख्यमंत्री को प्रवासी राजस्थानी दिवस सम्मेलन से पहले नवंबर के तीसरे सप्ताह में प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष संवाद के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया। इस प्रस्तावित संवाद में व्यापार और उद्योग जगत की अपेक्षाओं तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा का रास्ता खुलेगा।
प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए बनेगी विशेष समिति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चैंबर से विशेष समिति गठित करने का सुझाव दिया। समिति की जिम्मेदारी प्रवासी राजस्थानियों और अनिवासी भारतीयों से संपर्क स्थापित करना, सम्मेलन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और राजस्थान में निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करना होगा। मुख्यमंत्री ने राजस्थान चैंबर की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।
इस पहल में चैंबर की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उसका प्रदेशभर में व्यापारियों और उद्योगों से जुड़ा नेटवर्क है। इसके जरिए प्रवासी राजस्थानियों और संभावित निवेशकों को प्रदेश से जोड़ने के प्रयास किए जा सकते हैं।
MSME से लेकर निवेश तक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के साथ बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने जैसे मुद्दे उठाए।
चैंबर प्रतिनिधियों ने व्यापार एवं उद्योग जगत की अपेक्षाओं और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी विचार रखे। उनका कहना था कि सरकार और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मददगार हो सकता है।
1949 से व्यापार और उद्योग जगत से जुड़ा है चैंबर
चैंबर अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने बताया कि राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की स्थापना वर्ष 1949 में हुई थी। यह राजस्थान का सबसे पुराना और प्रमुख शीर्ष व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठन है।
चैंबर प्रदेश में व्यापार, उद्योग और वाणिज्य के विकास में योगदान देता रहा है। प्रदेशभर में फैले सदस्य नेटवर्क और विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों से संपर्क के आधार पर चैंबर प्रवासी राजस्थानियों तथा निवेशकों को राजस्थान से जोड़ने में भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आर. एस. जैमिनी, आत्माराम गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, सुनील भार्गव, मानद महासचिव आनंद महरवाल, बृज बिहारी शर्मा, चैंबर के कार्यकारी निदेशक योगेश नारायण माथुर, सचिव दिनेश कुमार कानूनगो, अतिरिक्त सचिव कन्हैया लाल जांगिड और संयुक्त सचिव अमित पारीक शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में उप सचिव त्रिनेत्र रोलीवाल भी उपस्थित रहे।
अब नवंबर के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित संवाद और प्रवासी राजस्थानियों से संपर्क के लिए बनने वाली समिति पर नजर रहेगी। इन पहलों के जरिए प्रदेश के व्यापारिक एवं औद्योगिक जगत और सरकार के बीच संवाद को आगे बढ़ाने तथा निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
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