भरतपुर के एक होटल में राजस्थान महिला कल्याण मंडल की प्रेस वार्ता हुई। बाल संरक्षण, संकटग्रस्त बच्चों के रेस्क्यू और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान पर चर्चा की गई।
भरतपुर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने और बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान महिला कल्याण मंडल ने भरतपुर में जागरूकता अभियान को लेकर अपनी आगामी रणनीति साझा की। जवाहर नगर स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों ने बाल अधिकारों की सुरक्षा, संकटग्रस्त बच्चों के रेस्क्यू और बाल विवाह के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रेस वार्ता में संयुक्त निदेशक अनुराग और डिप्टी डायरेक्टर नानू लाल ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान महिला कल्याण मंडल समाज के वंचित वर्ग, महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है।
जुलाई से भरतपुर में सक्रिय है संस्था
संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, राजस्थान महिला कल्याण मंडल जुलाई 2026 से भरतपुर जिले में सक्रिय है। यहां संस्था बाल अधिकारों के संरक्षण, संकटग्रस्त बच्चों के रेस्क्यू और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
संस्था का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। पदाधिकारियों ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज की नींव है। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को बाल अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा।
बाल विवाह रोकने में मीडिया की भूमिका पर जोर
प्रेस वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए मीडिया और सामुदायिक सहभागिता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मीडिया का सहयोग महत्वपूर्ण है। इस दौरान संस्था के फील्ड कोऑर्डिनेटर कमलेश, सुषमा, गोपाल, गोपेश, जितेंद्र और गौरव ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने क्षेत्र में संचालित जागरूकता गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था स्थानीय स्तर पर बच्चों के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक टीना जी ने संस्था की आगामी गतिविधियों और अभियानों की रूपरेखा प्रस्तुत की। वहीं, रेस्क्यू कोऑर्डिनेटर सोनू ने बाल श्रम और बाल विवाह से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा रेस्क्यू की प्रक्रिया के संबंध में तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने बाल संरक्षण और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मीडिया के साथ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
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