भरतपुर में 17 और 19 वर्ष आयु वर्ग की बॉक्सिंग प्रतियोगिता को लेकर वित्तीय अनियमितताओं, शराब पीकर गाली-गलौज और बालिकाओं की सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगे। ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
भरतपुर (संजीव चीनिया)। जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गई 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, सुविधाओं में कमी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक/प्रारंभिक), जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भरतपुर और माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक, बीकानेर को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में प्रतियोगिता से जुड़े प्रभारियों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन देने वालों का आरोप है कि प्रतियोगिता में भाग लेने गई छात्राओं से यात्रा एवं व्यवस्थाओं के नाम पर प्रति विद्यार्थी 4,500 रुपये वसूले गए, जबकि वास्तविक खर्च इससे काफी कम था। इसके अलावा खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने, कुछ प्रभारियों के शराब सेवन के बाद गाली-गलौज करने और नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने की शिकायत भी की गई है।
प्रति छात्रा ₹1,910 की अतिरिक्त वसूली का आरोप
ज्ञापन के अनुसार, प्रत्येक छात्रा से यात्रा और व्यवस्था के नाम पर 4,500 रुपये एकत्र किए गए। शिकायतकर्ताओं ने खर्च का विवरण देते हुए बताया कि आने-जाने का रेल/बस किराया 300 रुपये, स्थानीय परिवहन पर 140 रुपये, सात दिन के भोजन का खर्च 1,750 रुपये और ट्रैकसूट की अनुमानित कीमत 400 रुपये थी।
इस तरह ज्ञापन में प्रति छात्रा कुल वास्तविक खर्च 2,590 रुपये बताया गया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस हिसाब से प्रत्येक छात्रा से लगभग 1,910 रुपये अतिरिक्त वसूले गए। उनका आरोप है कि एकत्रित राशि और वास्तविक खर्च का कोई आधिकारिक बिल या पारदर्शी विवरण अभिभावकों को उपलब्ध नहीं कराया गया।
भोजन, पेयजल और आवास की सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्वीकृत बजट और जमा कराई गई राशि के बावजूद खिलाड़ियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल तथा उचित आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, खिलाड़ियों को घटिया स्तर की खेल किट देकर स्वीकृत राशि का व्यापक दुरुपयोग किया गया।
शराब पीकर गाली-गलौज और दुर्व्यवहार का आरोप
शिकायत में प्रतियोगिता के दौरान कुछ प्रभारियों पर अत्यधिक शराब सेवन करने और नशे की हालत में नाबालिग बालिकाओं, उनके साथ आए अभिभावकों तथा कोच के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन देने वालों का कहना है कि इस व्यवहार से छात्राओं और उनके अभिभावकों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
ज्ञापन में एक महिला अध्यापिका, जिन्हें दल के साथ जिम्मेदारी दी गई थी, के संबंध में भी गंभीर शिकायत की गई है। आरोप है कि वह निर्धारित समय से दो दिन पहले ही बालिकाओं को प्रतियोगिता स्थल पर असहाय छोड़कर वापस लौट आईं। शिकायतकर्ताओं ने इसे दूर-दराज के क्षेत्र में नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में संबंधित अधिकारियों से चार प्रमुख मांगें की गई हैं। इनमें पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध निष्पक्ष जांच कराना, शराब सेवन कर दुर्व्यवहार करने और बालिकाओं की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपों से जुड़े शिक्षकों एवं प्रभारियों को तत्काल निलंबित कर अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
इसके साथ ही एकत्रित राशि और वास्तविक खर्च का पारदर्शी ऑडिट कराकर अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटाने की मांग की गई है। भविष्य में खेल प्रतियोगिताओं में जाने वाले खिलाड़ियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण को नाबालिग खिलाड़ियों के अधिकारों, सुरक्षा और सरकारी नियमों के पालन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
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