एमपीयूएटी उदयपुर की मक्का अनुसंधान परियोजना के तहत केड़ारिया गांव में फील्ड डे आयोजित हुआ। वैज्ञानिकों ने उन्नत बीज, सिंचाई, पोषण और रोग-कीट प्रबंधन की जानकारी दी।
उदयपुर। मक्का की पैदावार बढ़ाने, उत्पादन लागत घटाने और किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने के उद्देश्य से महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर की अखिल भारतीय समन्वित मक्का अनुसंधान परियोजना के तत्वावधान में केड़ारिया गांव में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन एवं फील्ड डे आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न कृषि संस्थानों से आए वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों पर पहुंचकर उन्नत मक्का किस्मों और वैज्ञानिक उत्पादन पद्धतियों की जानकारी दी। किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर मौके पर ही समाधान भी सुझाए गए।
कार्यक्रम में आईसीएआर-भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान, लुधियाना के डॉ. प्रदीप कुमार, शीतकालीन नर्सरी केंद्र, हैदराबाद के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुनील नीलम, महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी के पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. विवेक शिवाजी राव शिंदे, आचार्य एन.जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश की शस्य वैज्ञानिक डॉ. वी. सुजाता तथा मक्का अनुसंधान इकाई, हैदराबाद की कीट वैज्ञानिक डॉ. अनुषा ने किसानों को मक्का उत्पादन से जुड़ी उन्नत तकनीकों की जानकारी दी।
उन्नत बीज और वैज्ञानिक पद्धतियों पर जोर
परियोजना प्रभारी डॉ. अमित दाधीच ने कहा कि किसानों के खेतों पर तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन नई पद्धतियों के प्रति उनका विश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने का आह्वान किया। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुनील नीलम ने गुणवत्तापूर्ण बीज और क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुकूल किस्म का चयन मक्का उत्पादन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संतुलित पोषण, सिंचाई तथा रोग एवं कीट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।
रोगों की समय पर पहचान और प्रबंधन की सलाह
महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, राहुरी के पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. विवेक शिवाजी राव शिंदे ने किसानों को मक्का की फसल में रोगों की समय पर पहचान करने और समेकित रोग प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी और उनकी समस्याओं पर सीधे संवाद किया।
इस अवसर पर महाराज रणधीर सिंह (भिंडर नरेश), पूर्व विधायक, वल्लभनगर ने किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसानों तक विज्ञान तभी सही मायने में पहुंचता है, जब उसका लाभ खेत में दिखाई देता है।
किसानों को वितरित किए उन्नत बीज और प्रदर्शन सामग्री
कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरीश कुमार सुमेरिया, श्री राम नारायण कुम्हार, डॉ. एन.के. पाडीवाल और डॉ. अमित दाधीच ने अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के अंतर्गत किसानों को उन्नत बीज एवं प्रदर्शन सामग्री वितरित की।
फील्ड डे में किसानों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़ी समस्याएं साझा कीं और उनके समाधान प्राप्त किए। इस आयोजन से वैज्ञानिकों और किसानों के बीच खेत स्तर पर सीधा संवाद मजबूत हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्नत मक्का किस्मों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर उन्हें वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
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