उदयपुर के CTAE में Smart India Hackathon 2026 की आंतरिक स्क्रीनिंग हुई। 16 टीमों ने कृषि, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थ टेक्नोलॉजी सहित कई क्षेत्रों में नवाचारी समाधान पेश किए। चयनित टीमें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगी।
उदयपुर। देश के सामने आने वाली चुनौतियों का तकनीक के जरिए समाधान तलाशने की तैयारी में उदयपुर के युवा इंजीनियर जुट गए हैं। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के संघटक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग (सीटीएई) में प्रतिष्ठित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 (SIH-2026) के लिए आंतरिक स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसमें कॉलेज की 16 टीमों ने अपने नवाचारी समाधान और तकनीकी आइडिया पेश किए।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के लिए यह आंतरिक स्क्रीनिंग मंगलवार, 01 सितंबर 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित हुई।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के माध्यम से भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों द्वारा आमजन के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए चुनौतीपूर्ण समस्या विवरण दिए जाते हैं। प्रतिभागी विद्यार्थियों को इन समस्याओं के लिए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर आधारित नवाचारी समाधान विकसित करने होते हैं।
सीटीएई की टीमें पहले भी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन करती रही हैं और सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर दोनों डोमेन में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।
34 थीम्स में 231 समस्या विवरण, कई बड़े क्षेत्रों पर काम करेंगे विद्यार्थी
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के सीटीएई एसपीओसी (SPOC) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 34 थीम्स के अंतर्गत 176 सॉफ्टवेयर और 55 हार्डवेयर श्रेणियों में समस्या विवरण उपलब्ध कराए हैं।
इनमें DRDO, ग्रामीण विकास मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, Qualcomm सहित विभिन्न संस्थानों की ओर से आपदा प्रबंधन, स्मार्ट ऑटोमेशन, बायोटेक एवं हेल्थ टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और स्मार्ट एजुकेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियां शामिल हैं।
सीटीएई के विद्यार्थी इन समस्याओं के समाधान के लिए नवीन, रचनात्मक और विशिष्ट तकनीकी दृष्टिकोण के साथ अपने आइडिया विकसित करेंगे।
कृषि से साइबर सिक्योरिटी तक, टीमों ने पेश किए समाधान
इस वर्ष सीटीएई की कुल 16 टीमों ने आंतरिक स्क्रीनिंग में भाग लिया। प्रत्येक टीम में छह सदस्य शामिल रहे। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी टीमों ने अपने चयनित समस्या विवरण पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।
जूरी सदस्यों ने निर्धारित मापदंडों के आधार पर टीमों के आइडिया और समाधानों का मूल्यांकन किया।
विद्यार्थियों ने कृषि, खाद्य एवं ग्रामीण प्रबंधन, स्मार्ट एजुकेशन, शहरी यातायात प्रबंधन प्रणाली, ब्लॉकचेन एवं साइबर सिक्योरिटी, फिटनेस एवं स्पोर्ट्स, मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थ टेक्नोलॉजी तथा स्मार्ट एवं प्रोटेक्टिव इरिगेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए।
इन विशेषज्ञों ने किया टीमों का मूल्यांकन
कार्यक्रम में डॉ. नवनीत अग्रवाल, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के साथ डॉ. बलराम शर्मा, सहायक प्रोफेसर, डॉ. गौरव वशिष्ठ, डॉ. शैफाली जैन, डॉ. आदित्य कच्छावा और डॉ. रश्मि सुथार ने जूरी सदस्यों के रूप में सभी टीमों का मूल्यांकन किया।
जूरी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन अगले चरण के लिए किया गया।
राष्ट्रीय मंच पर सीटीएई का प्रतिनिधित्व करेंगी चयनित टीमें
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह और कॉलेज अधिष्ठाता डॉ. विनोद कुमार यादव ने सभी प्रतिभागी टीमों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
आंतरिक स्क्रीनिंग में चयनित टीमें अब राष्ट्रीय स्तर पर सीटीएई का प्रतिनिधित्व करेंगी। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के अंतर्गत विभिन्न थीम्स में चयनित विजेता टीमों को संबंधित हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर श्रेणियों में भारत सरकार की ओर से ₹1 लाख तक के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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