भरतपुर के तुहिया गांव में करोड़ों की जमीन के विवाद में 30 वर्षीय युवक की हत्या का आरोप रिटायर्ड ASI समेत पूरे परिवार पर लगा है। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
भरतपुर (राजस्थान)। मांसपेशियों में खून का एक-एक कतरा जम जाए और रोंगटे खड़े हो जाएं—राजस्थान के भरतपुर में लालच और हैवानियत का कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर सामने आया है। जिस कानून की रक्षा का कसम खाकर एक अफसर सेवानिवृत्त हुआ, उसी के हाथों और उसके पूरे कुनबे के हाथों एक 25 साल के अनाथ युवक की बलि चढ़ गई। मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गांव तुहिया का है, जहां हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की कीमती जमीन हड़पने के लिए दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड ASI और उसके परिवार ने वह वहशियाना खेल खेला, जिसे सुनकर इलाका दहल उठा है।
नींद में सो रहे ‘अनाथ’ पर झपट्टा: घर से उठाकर बंधक बनाया, फिर मांगे कागजात
30 वर्षीय मृतक सुशील कुमार के सिर से मां-बाप का साया सालों पहले उठ चुका था। वह घर में अकेला रहता था—शायद यही अकेलापन पड़ोस में रहने वाले दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड ASI गजेंद्र सिंह की नीयतब बिगाड़ने के लिए काफी था। सुशील के नाम हाईवे किनारे करोड़ों रुपये की कीमती जमीन थी, जिस पर गजेंद्र का परिवार काफी समय से गिद्ध दृष्टि जमाए बैठा था।
सोमवार शाम करीब 4 बजे, जब सुशील अपने सूने घर में बेखबर सो रहा था, तभी दरवाजे पर मौत ने दस्तक दी। गजेंद्र सिंह अपनी पत्नी, दो बेटों और दोनों बहुओं के साथ जबरन घर में घुसा और सोते हुए सुशील को घसीटते हुए अपने घर ले गया। वहां उसे बंधक बनाकर जमीन के कागजों पर अंगूठा लगाने का दबाव बनाया गया।
इनकार पर बरसे फरसे और सरिये: चीखों से गूँज उठा मकान
जब सुशील ने अपनी पैतृक संपत्ति सौंपने से साफ़ इनकार कर दिया, तो खाकी की हनक और दौलत के लालच में अंधा हुआ पूरा परिवार हैवान बन गया।
6-ऑन-1 का खूनी खेल: गजेंद्र सिंह, उसकी पत्नी मिथलेश, बेटे योगेश व जयदेव और बहुएं ममता व संगीता; सबने मिलकर अकेले सुशील पर हमला बोल दिया।
धारदार हथियारों से वार: लाठी-डंडे, लोहे के सरिये और धारदार फरसे से सुशील को तब तक बेरहमी से पीटा गया, जब तक कि उसकी हड्डियां जवाब नहीं दे गईं और वह खून से लथपथ होकर बेसुध नहीं गिर पड़ा।
अस्पताल में लाश फेंककर रफूचक्कर: चालबाजी भी न आई काम
सुशील को मरणासन्न हालत में देखकर आरोपियों के हाथ-पांव फूल गए। खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक शातिर चाल चली—वे खुद ही लहूलुहान सुशील को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले गए। लेकिन डॉक्टरों ने जैसे ही उसे ‘मृत’ घोषित किया, आरोपियों के होश उड़ गए।
अपनी गर्दन फंसते देख आरोपियों ने चालाकी से शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया और परिजनों को फोन पर महज “घायल होने” का ड्रामा करके सूचना दी। इसके बाद पूरे परिवार ने घर पर ताला जड़ा और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जब रिश्तेदार बदहवास हालत में अस्पताल पहुँचे, तो वहाँ सिर्फ सुशील की बेजान लाश पड़ी थी।
खाकी के पूर्व अफसर समेत पूरे परिवार पर FIR, पुलिस की रेड जारी
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे गांव तुहिया में सन्नाटा और आक्रोश व्याप्त है। मृतक के चाचा नकुल सिंह की तहरीर पर उद्योग नगर थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड ASI के पूरे कुनबे पर कत्ल का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी, जिनकी पुलिस को तलाश है:
- गजेंद्र सिंह (सेवानिवृत्त ASI, दिल्ली पुलिस)
- मिथलेश (पत्नी)
- योगेश (बड़ा बेटा)
- ममता (बड़ी बहू)
- जयदेव (छोटा बेटा)
- संगीता (छोटी बहू)
उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश कसाना के मुताबिक, पुलिस टीम ने मौके का मुआयना कर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फरार हुए कातिल परिवार को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
बार-बार डॉक्यूमेंट्स देने का झंझट खत्म, क्या आपके पास है यह 14 अंकों का ‘जादुई’ नंबर?
