पहली बार वोटर बनने वालों के लिए नई शर्त… अब मां-बाप की ये जानकारी नहीं तो अटक जाएगा आवेदन, चुनाव आयोग ने ऑनलाइन प्रक्रिया बदली, फॉर्म-6 में जोड़ा नया घोषणा-पत्र

पहली बार वोटर आईडी बनवाने वालों के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन फॉर्म-6 की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब माता-पिता के SIR रिकॉर्ड की जानकारी दिए बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।

नई दिल्ली: अगर आप 18 साल पूरे होने के बाद पहली बार वोटर आईडी बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब सिर्फ अपनी जानकारी भरना काफी नहीं होगा। चुनाव आयोग ने ऑनलाइन फॉर्म-6 की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए एक नई शर्त जोड़ दी है। अब आवेदन करने वाले नए मतदाता को अपने माता-पिता से जुड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की जानकारी भी देनी होगी। यह विवरण दिए बिना ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा।

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नई व्यवस्था के तहत यदि आवेदक के माता-पिता पिछली SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में शामिल रहे हैं, तो उनके विधानसभा क्षेत्र का नाम, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक (सीरियल नंबर) दर्ज करना होगा।

वहीं, यदि माता-पिता एसआईआर प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे थे, तो आवेदक को इसका विकल्प चुनते हुए उनके नाम और उपलब्ध होने पर EPIC (Voter ID) नंबर दर्ज करने होंगे।

चुनाव आयोग का कहना है कि इस बदलाव का मकसद नए मतदाताओं की पहचान का सत्यापन आसान बनाना है। इससे कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की जरूरत भी कम हो सकती है। आयोग का यह भी कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र नामों को हटाना है।

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हालांकि, नई व्यवस्था को लेकर कानूनी सवाल भी उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म-6 का प्रारूप जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियमों के तहत निर्धारित है। ऐसे में यदि इसमें कोई नया कॉलम या घोषणा-पत्र जोड़ा गया है, तो इसके लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना और राजपत्र (गजट) में संशोधन आवश्यक होता है। अब तक ऐसा कोई संशोधन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

इस बदलाव का सबसे अधिक असर उन युवाओं पर पड़ सकता है, जो पहली बार मतदाता बनने के लिए आवेदन करेंगे। कई आवेदकों के पास अपने माता-पिता के पुराने एसआईआर रिकॉर्ड, विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर या सीरियल नंबर जैसी जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो सकती। ऐसी स्थिति में आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी होगी, इस पर चुनाव आयोग ने फिलहाल अलग से कोई विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं।

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