जयपुर (Jaipur)और भादरा (Bhadra) में ATS ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह (fake aadhaar racket) का पर्दाफाश किया। डमी फिंगरप्रिंट, नकली रेटिना और बायोमेट्रिक सिस्टम को धोखा देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
100 KM सिर्फ 15 मिनट में! | अब आसमान से दौड़ेगा आपका रोज का सफर… भारत में ‘एयर टैक्सी’ की नई उड़ान
जयपुर
जयपुर में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने साइबर सुरक्षा और पहचान प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एटीएस राजस्थान की जयपुर यूनिट ने भादरा में छापेमारी कर एक ऐसे अवैध आधार सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां पहचान नहीं बल्कि ‘पहचान की नकल’ तैयार की जा रही थी।
सूचना थी कि नगरपालिका के पास एक सेंटर पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, और इनका इस्तेमाल साइबर क्राइम और संदिग्ध गतिविधियों में हो सकता है। जैसे ही पुष्टि हुई, एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी और पूरा नेटवर्क सामने आ गया। पुलिस ने मास्टर माइंड कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
होटल के कमरे में खून का खेल | 1.5 घंटे की मुलाकात बनी मौत की कहानी… प्रेमिका ने ही प्रेमी का गला रेत दिया
सिस्टम को चकमा देने की खतरनाक तकनीक
छापेमारी में जो सामने आया, उसने टीम को भी चौंका दिया। यहां आरोपी सिर्फ दस्तावेज नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक सिस्टम को भी धोखा दे रहा था।
- रबर से बने डमी फिंगरप्रिंट
- कागज पर चिपकाई गई आंखों की नकली रेटिना कॉपी
- ऑपरेटर आईडी का अवैध उपयोग
- फर्जी सिग्नेचर से एनरोलमेंट प्रक्रिया पूरी करना
यानी सिस्टम को हैक नहीं किया जा रहा था, बल्कि उसकी पहचान व्यवस्था को ही नकली बनाया जा रहा था।
मौके से मिला पूरा डिजिटल सेटअप
पुलिस ने सेंटर से लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस डिवाइस, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस उपकरण और कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। यह पूरा सेटअप किसी छोटे सेंटर का नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का संकेत देता है। आरोपी कुलदीप शर्मा अन्य व्यक्तियों जसवंत और आमिर खां की ऑपरेटर आईडी का अवैध उपयोग कर रहा था।
फर्जी पहचान से बड़ा खतरा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस तरह बनाए गए आधार कार्ड का इस्तेमाल—
- फर्जी सिम कार्ड लेने
- फर्जी बैंक खाते खोलने
- और साइबर अपराधों में पहचान छुपाने
जैसी गतिविधियों में हो सकता था। यानी यह सिर्फ फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए संभावित खतरा था।
अब जांच का फोकस बड़े नेटवर्क पर
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि—
- इस नेटवर्क से जुड़े और कौन लोग हैं
- कितने फर्जी आधार पहले बनाए जा चुके हैं
- और क्या इसके तार किसी बड़े साइबर गिरोह या अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं
मोबाइल और लैपटॉप डेटा की फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी गई है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
‘नई हवा’ की खबरों से जुड़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को follow करें ।
