जयपुर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आदर्श ग्रुप और रिद्धि ग्रुप की कंपनियों की करीब 365.94 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को कुर्क (attached) कर दिया है। इन दोनों ग्रुप पर करीब 20 लाख निवेशकों से 3830 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है।आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में संपत्तियां हैं। 6 राज्यों में 1489.03 करोड़ की प्रॉपर्टी पहले अटैच हो चुकी है। एक्शन आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम के अन्तर्गत किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय जयपुर ने अब तक की गई जांच के परिणामों के आधार पर आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनीज, रिद्धि सिद्धि ग्रुप ऑफ कंपनीज़, वीरेंद्र मोदी ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य की 1854.97 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस मामले में जांच जारी है।
इन ग्रुप की कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय अधिकारियों के मुताबिक, आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनीज, रिद्धि सिद्धि ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य आवासीय परियोजनाओं से युक्त 362.94 करोड़ रुपए की भूमि और भवन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उनमें राजस्थान, हरियाणा, नई दिल्ली में कृषि भूमि, आवासीय और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी शामिल हैं। इनके साथ कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बैंक बैलेंस भी कुर्क किए गए हैं। इसके अलावा इन संस्थाओं और व्यक्तियों से संबंधित 3 करोड़ रुपए के बराबर बचत खातों में सावधि जमा या शेष राशि संलग्न की गई है। गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने आदर्श ग्रुप के डायरेक्टर्स मुकेश मोदी और राहुल मोदी के अलावा आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (ACCSL) के कई अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की थी।
ऐसे हड़पा गया धन
अब तक की गई जांच में खुलासा हुआ है कि मुकेश मोदी ने अपने रिश्तेदारों वीरेंद्र मोदी, राहुल मोदी, रोहित मोदी आदि और सोसाइटी के अधिकारियों और सहयोगियों की मिलीभगत से एसीसीएसएल से जमाकर्ताओं के पैसे को ऋण आदि के माध्यम से हड़प लिया था। मुकेश मोदी, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों ने धोखाधड़ी वाले ऋणों का लाभ उठाकर एसीसीएसएल ACCSL से चुराए हुए धन को अपने रियल एस्टेट व्यवसाय में इस्तेमाल करने के एकमात्र उद्देश्य से कई कंपनियां, फर्म या एलएलपी बनाई और उनके मार्फत पैसा कई राज्यों में जमीने खरीदने के लिए किया।
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रिश्तेदारों को भारी सैलरी, इन्सेंटिव और कमीशन देकर की गई हेराफेरी
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया, ‘इन कंपनियों के शेयर कैपिटल के रूप में भी ACCSL से भारी राशि दिलाई गई। इसके अलावा अपने रिश्तेदारों और कंपनियों को भारी सैलरी, इन्सेंटिव और कमीशन के रूप में बड़े पैमाने पर फंड की हेराफेरी की गई। मुकेश मोदी और अन्य लोगों के इस कृत्य से सोसाइटी को भारी नुकसान हुआ तथा 20 लाख लोगों की गाढ़ी कमाई डूब गई.’ऋण के अलावा, मुकेश मोदी और उनके रिश्तेदारों ने शेयर पूंजी के रूप में भी इन कंपनियों के खातों में एसीसीएसएल से धोखाधड़ी कर धन निकाला।मुकेश मोदी और अन्य के कार्यों से 20 लाख निवेशकों को उनकी जीवन भर की बचत से वंचित होना पड़ा।
फैक्ट फाइल
- 365.94 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्क
- 362. 94 रुपये की भूमि की गई कुर्क
- राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में है संपत्ति
- 20 लाख निवेशकों से धोखाधड़ी का है पूरा मामला
- 6 राज्यों में 1489.03 करोड़ की प्रॉपर्टी पहले हो चुकी है अटैच
- ईडी ने 50 हजार पन्नों की चार्जशीट की थी दाखिल
