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बेंगलुरु बेस्ड सॉफ्टवेयर कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज (Happiest Minds Technologies) अगले तीन तिमाही में कुल 900 कर्मचारियों की भर्ती की योजना बना रही है। यह कंपनी पिछले कुछ समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है
11 साल पुरानी इस कंपनी में जून तिमाही में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर (Attrition) 14.7 फीसदी तक थी। जून में कंपनी में कुल 3,538 कर्मचारी काम कर रहे थे, जबकि 310 कर्मचारियों ने जून तिमाही में ही नौकरी ज्वाइन की थी।
इसके अलावा अन्य प्रमुख कंपनियों में मार्केट लीडर TCS में जून तिमाही में Attrition Rate सबसे कम 8.6 फीसदी था, मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 7.2 फीसदी था। वहीं इसके अलावा इंफोसिस (Infosys) में जून तिमाही में 13.9 फीसदी, मार्च तिमाही में 10.9 फीसदी, विप्रो (Wipro) में जून तिमाही में 15.5 फीसदी और मार्च तिमाही में 12 फीसदी, और अमेरिकी कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant), जिसके दो तिहाई से अधिक कर्मचारी भारत में हैं, उसमें Attrition Rate जून तिमाही में 31 फीसदी था।
हैप्पीएस्ट माइंड्स प्रबंधन का कहना है कि कंपनी की योजना अगली तीन तिमाहियों में प्रत्येक तिमाही में 300 लोगों को जोड़ने की है। 310 नए लोगों को शामिल करने के बाद जून तिमाही तक हमारा शुद्ध कर्मचारियों की संख्या 3,538 थी। हमें उम्मीद है कि आने वाले तिमाहियों में भी इस गति को बनाए रखेंगे।
प्रबंधन ने कहा कि अगली तीन तिमाहियों में प्रत्येक में हम 300 लोगों को जोड़ने के लिए तैयार हैं। उम्मीद है कि सेल्स टीम भी इसका पालन करेगी।
पिछले साल पब्लिक हुई थी कंपनी
हैप्पीस्ट माइंड्स (Happiest Minds), जो पिछले सितंबर में कोरोना वायरस की पहली लहर के बीच अपना IPO लेकर आई थी, अपनी प्राथमिक बिक्री के दौरान 151 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने तब से शेयर धारकों को 562 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।
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