Judgment: रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को नहीं मिलेगी ढाल | सह-आरोपी बरी हो जाए, तब भी नहीं धुलेगा भ्रष्टाचार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगने और लेने का दोषी है तो सह-आरोपी के बरी होने या साज़िश साबित न होने के आधार पर उसे बरी नहीं किया जा सकता।

अनुबंध सेवाकाल भी गिना जाएगा पेंशन में | सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल सरकार का बड़ा यू-टर्न

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनुबंध सेवाकाल को पेंशन में जोड़ने का आदेश जारी किया। 16 फरवरी का पूर्व निर्देश निरस्त, हजारों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी | ‘जातिविहीन समाज की ओर जा रहे हैं या पीछे?’— नए नियमों पर रोक, 2012 के नियम बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाते हुए 2012 के नियम बहाल किए, CJI सूर्यकांत ने कहा—क्या हम जातिविहीन समाज से पीछे जा रहे हैं?

केंद्रीय अफसर भी अब राज्य ACB के रडार में | सीबीआई की इजाज़त बिना भी जांच वैध, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि राजस्थान ACB को केंद्रीय कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामलों में सीबीआई की अनुमति बिना जांच और चार्जशीट दाखिल करने का अधिकार है।

TET पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, शिक्षकों में चिंता | ABRSM ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिलकर की दखल देने की मांग

सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय को लेकर ABRSM प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। संगठन ने निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू न करने की मांग उठाई।

JNU में आधी रात देश के शीर्ष नेतृत्व पर हमला | PM मोदी–अमित शाह के खिलाफ ‘कब्र खुदेगी’ के नारे, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़का कैंपस | देखें Video

सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने के बाद JNU में आधी रात PM मोदी और अमित शाह के खिलाफ ‘कब्र खुदेगी’ के नारे लगे, जिससे विवाद गहरा गया।

बार-बार तबादले से तंग जज सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे | राजस्थान हाईकोर्ट को 2 हफ्ते का अल्टीमेटम, सहानुभूतिपूर्वक फैसला करें

वरिष्ठ जिला जज के बार-बार तबादले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट को दो सप्ताह में सहानुभूतिपूर्ण निर्णय का संकेत दिया।

रिटायरमेंट से पहले छक्कों की बरसात!| सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक टिप्पणी—जज आख़िरी दिनों में क्रिकेट खेलने न उतरें

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायरमेंट से पहले जजों द्वारा दिए जा रहे विवादित आदेशों पर तीखी टिप्पणी की। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा—कुछ जज आख़िरी ओवर में बल्लेबाज़ की तरह छक्के मारने लगते हैं।

मोबाइल नोटिफिकेशन को ही सच मान बैठे जज साहब! पॉप-अप देखकर दे दिया फैसला | हाई कोर्ट ने फटकार लगाई—एक बार आदेश पढ़ तो लेते

मोबाइल स्क्रीन पर एक पॉप-अप चमका… और जज साहब ने उसे मान लिया कानून का अंतिम शब्द। पॉप-अप अलर्ट को “सुप्रीम कोर्ट का आदेश” समझकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी—और जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो वहां

‘मुझे हाईकोर्ट जज बना दो!’ | सुप्रीम कोर्ट भड़का, कहा— न्याय व्यवस्था का मज़ाक मत उड़ाओ

सुप्रीम कोर्ट में ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे सुनकर कोर्ट खुद हैरान रह गया।
एक वकील जी. वी. सरवन कुमार ने याचिका दायर की— सीधी, साफ़ और सीधे आकाश को छूती हुई मांग