इंद्रजाल …

डॉ. अलका अग्रवाल की कविता ‘इंद्रजाल’ में बदलते बादलों, आकाश, हवा और प्रकृति के मायावी रूप का बेहद सुंदर और भावपूर्ण चित्रण किया गया है। पढ़ें प्रकृति और कल्पना का अनूठा काव्य।

होठों पर मुस्कान …

होठों पर मुस्कान’ डॉ. अलका अग्रवाल की एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जो यादों, दर्द, आत्मसंयम और जीवन में मुस्कुराते रहने का प्रेरक संदेश देती है।

कागज़ पर ही सही…

यह कविता समाज में न्याय और अन्याय के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाती है। जब निर्दोष को छोटी भूल पर कठोर दंड और प्रभावशाली व्यक्ति को बड़ी गलती पर भी छूट मिलती है, तब एक संवेदनशील मन अपने शब्दों के माध्यम से मौन प्रतिरोध दर्ज करता है।

ये ‘काश’ क्या है?

‘ये काश क्या है?’ एक ऐसी कविता है जो ‘काश’ शब्द के भीतर छिपी उम्मीद, अधूरे सपनों, जीवन की बेचैनी और मुस्कान के द्वंद्व को बेहद संवेदनशील ढंग से व्यक्त करती है। यह कविता पाठक को अपने जीवन के उन अनकहे एहसासों से जोड़ती है जिन्हें अक्सर सिर्फ एक शब्द—’काश’—बयां कर देता है।