इंद्रजाल …

डॉ. अलका अग्रवाल की कविता ‘इंद्रजाल’ में बदलते बादलों, आकाश, हवा और प्रकृति के मायावी रूप का बेहद सुंदर और भावपूर्ण चित्रण किया गया है। पढ़ें प्रकृति और कल्पना का अनूठा काव्य।