जयपुर
राजस्थान पुलिस के दो कांस्टेबल अनैतिक आचरण एवं अपराधों में लिप्त पाए गए हैं। इनको अब नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इनके नाम कांस्टेबल मोतीलाल व्यास और हैड कांस्टेबल प्रवीण गोदारा उर्फ प्रवीण विश्नोई हैं। दोनों सीआईडी स्पेशल ब्रांच में तैनात थे।
डीजी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा ने बताया कि ये दोनों पुलिसकर्मी राज्य विशेष शाखा जैसी संवेदनशील शाखा की छवि धूमिल कर रहे थे। इन दोनों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 19 (2) के तहत राज्य सेवा से तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया गया है।
हैड कांस्टेबल प्रवीण यह था अपराध
श्रीगंगानगर के कोतवाली थाने में 15 अक्टूबर 2019 को कांस्टेबल प्रवीण के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें आरोप प्रमाणित पाए जाने पर 9 दिसंबर 2019 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 10 दिसंबर 2019 को श्रीगंगानगर जिले के ही चुनावढ़ थाने में महिला पुलिसकर्मी को अश्लील मैसेज व धमकी भरे चैट भेजे जाने का मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ चालान पेश हुआ।
आरोपी निलंबन के दौरान वर्ष 2020 में 234 दिन एवं वर्ष 2021 में 300 दिन स्वेच्छा से अनुपस्थित रहा। इस दौरान उसके विरूद्ध 16 सीसी की विभागीय कार्रवाई की गई। जिसमें किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। 9 रिकॉल नोटिस जारी हुए, जिसमें 5 रिकॉल नोटिस तामिल है, फिर भी आरोपी मुख्यालय पर उपस्थित नहीं हुआ। निलंबन अवधि के दौरान भी आरोपी ने अनैतिक व अपराधिक गतिविधियों में शामिल होना नहीं छोड़ा। एसपी गंगानगर की रिपोर्ट दिनांक 18 नवम्बर 2021 के अनुसार शहर के थाना जवाहरनगर में एक महिला को धमकाने व गाली गलौज करने का इस्तगासा प्राप्त हुआ। आरोपी के आचरण को देखते हुए बर्खास्त किया गया।
मोतीलाल 73.40 लाख रुपए हड़पने पर बर्खास्त
पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, कांस्टेबल मोतीलाल व्यास को बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देने एवं घरेलू कार्यों के लिए लोगों को गुमराह कर रुपए हड़पने के आरोपों के चलते सेवा से बर्खास्त किया गया है। आरोपी के खिलाफ बाड़मेर पदस्थापन के दौरान 12 मुकदमे, जिनमें 4 आपराधिक व 7 एन आई एक्ट के तहत दर्ज हुए। जिनमें कुल 73 लाख 40 हजार की धोखाधड़ी के आरोप प्रमाणित पाए जाने पर दिसम्बर 2019 को सेवा से निकाल दिया गया था।
अपील अभ्यावेदन प्रस्तुत कर लिखित में सभी परिवादियों को भुगतान कर राजीनामा करने और भविष्य में इस प्रकार का कृत्य नहीं करने का आश्वासन देने के आधार पर सितम्बर 2020 को पुन: सेवा में बहाल कर दिया गया और आरोपी का मुख्यालय जयपुर कर दिया गया था। आरोपी मोतीलाल के खिलाफ जयपुर के विधायकपुरी थाने में 21 लाख रुपए हड़पने और बाड़मेर जिले के कोतवाली थाने में 3.75 लाख रुपए हड़पने के मुकदमे दर्ज हुए। जिसमें 5 दिसंबर 2021 को कोतवाली पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर 6.41 लाख रुपए बरामद किए।
जयपुर दक्षिण जिले की विधायकपुरी थाना पुलिस ने भी आरोपी कांस्टेबल को 8 दिसंबर 2021 को गिरफ्तार किया, जिसे कोर्ट में पेश कर 11 दिसंबर को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया। वर्तमान में आरोपी केंद्रीय कारागार जयपुर में बंद है। इसके अलावा आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ वर्तमान में 7 प्रकरण विचाराधीन है, जिनमें 2 आपराधिक प्रकरण, तीन परिवाद रुपए हड़पने संबंधित तथा दो एन आई एक्ट (चेक बाउंस) के मामले में स्थाई वारंट संबंधित न्यायालय में पेंडिंग है।
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