जयपुर में 3114 समायोजित शिक्षाकर्मियों ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर ज्ञापन सौंपा। 63 से 73 वर्ष के बुजुर्ग शिक्षाकर्मी आर्थिक तंगी में जीवन काटने को मजबूर।
जयपुर
राज्य की अनुदानित शिक्षण संस्थाओं से राजकीय सेवा में समायोजित किए गए 3114 शिक्षाकर्मी आज भी अनुदानित संस्था की नियुक्ति तिथि से “पुरानी पेंशन” की प्रतीक्षा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसी पीड़ा को लेकर राजस्थान सेवानिवृत्त समायोजित शिक्षक कर्मचारी मंच के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और “चिंतन आग्रह पत्र” सौंपकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले को आत्मसात कर संज्ञान लेने और निराकरण की मांग की।
मंच के मुख्य संचालक विजय उपाध्याय ने आग्रह पत्र में बताया कि अनुदानित संस्था के सेवाकाल को पेंशन में जोड़ने की मांग को लेकर बीते दो वर्षों में शिक्षा, पेंशन और वित्त विभाग, उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और विधायकों से अनेक बार व्यक्तिगत रूप से निवेदन किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि शासन की ओर से पुरानी पेंशन देने को भारी आर्थिक बोझ बताने के साथ-साथ उच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा न्यायालय प्रकरण वापस नहीं लेने का अभिमत सामने रखा गया। इसके अलावा “नीतिगत निर्णय” का हवाला देकर, कर्मचारी डेटा कलेक्शन के बाद भी फाइलें विभागों में लंबित पड़ी हैं।
मंच ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर भी आकृष्ट कराया कि आर.वी.आर.ई.एस. संवर्ग के अंतर्गत 1 अप्रैल 2022 के बाद सेवानिवृत्त 20 प्रतिशत तथा 40 प्रतिशत सेवारत कार्मिकों को पेंशन के दायरे में लाकर सरकार आर्थिक बोझ स्वीकार कर चुकी है। वहीं न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों से जुड़े समायोजित कार्मिकों को पेंशन मिल रही है, जबकि आर.वी.आर.ई.एस. के समकक्ष कोई अन्य संवर्ग नहीं है।
मुख्यमंत्री आवास पर मंच के मुख्य संचालक विजय उपाध्याय और संचालक डी.पी. ओझा ने बताया कि पत्र में 63 से 73 वर्ष आयु के बुजुर्ग शिक्षाकर्मियों की वेदना और व्यथा को विस्तार से रखा गया है। इन शिक्षाकर्मियों का कहना है कि वे बुढ़ापा जी नहीं रहे, बल्कि बिना पुरानी पेंशन के अंतिम सांसों का इंतजार करते हुए जीवन काट रहे हैं।
भूख, गरीबी और महंगाई से जूझ रहे समायोजित शिक्षाकर्मी अब भी मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए अनुदानित संस्था की नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन लागू करने का नीतिगत निर्णय लेकर बजट में शामिल करने का अनुरोध कर रहे हैं।
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