जयपुर
राज्यसभा सांसद डा. किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने SOG को पत्र लिखकर बताया है कि REET में कहां और कैसे गड़बड़ियां हुई हैं। किरोड़ी लाल मीना ने यह पत्र SOG के अतिरिक्त महानिदेशक को लिखा है और मांग की है कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आपको बता दें कि डा. किरोड़ी लाल मीणा पिछले दिनों पत्रकारों से बातचीत के दौरान REET पेपर लीक प्रकरण को लेकर अपनी तरफ से कुछ तथ्य रखे थे जिस पर SOG के अतिरिक्त महानिदेशक ने भी किरोड़ी लाल मीना को पत्र लिखकर पेपर लीक को लेकर जानकारी मांगी थी। डा. किरोड़ी लाल मीणा ने इसके जवाब में इस पत्र का उल्लेख करते हुए SOG के अतिरिक्त महानिदेशक से इन तथ्यों को साझा किया है।
डा. किरोड़ी लाल मीणा ने लिखा है कि कि वे एक अहम सूचना इस पत्र के जरिए दे रहे हैं जिससे इस मामले में एसओजी आगे बढ़ेगी तो कई बड़े खुलासे होंगे। उन्होंने कहा कि मैंने चार प्राइवेट लोगों को रीट परीक्षा में गोपनीय शाखा की जिम्मेदारी देने की बात कही थी। उसमें से एक जयपुर के गोपालपुरा के त्रिवेणी नगर स्थित एस.एस. कॉलेज नाम की एक निजी संस्था जो ब्लैक लिस्टेड है, उसको रीट परीक्षा का सेंटर बनाया गया था।
इसके मालिक रामकृपाल मीना को डॉ. प्रदीप पाराशर ने मौखिक रूप से पेपर वितरण की व्यवस्था दी थी, जो पूर्णतया निजी (गैर सरकारी) संस्था का मालिक है। इसके हाथ में बोर्ड के पेपर थमा दिए गए। इस व्यक्ति ने पेपरों के वितरण की व्यवस्था अपने (गैर सरकारी) लोगों को दे दी। यहां से पेपर भजनलाल विश्नोई और अन्य लोगों के पास पहुंचा। रामकृपाल मीना की धर्मपत्नी ने भी रीट की परीक्षा दी है। ऐसे में रामकृपाल को गोपनीय शाखा की जिम्मेदारी दिया जाना पूर्णतया नियम विरूद्ध है।
सांसद ने पत्र में लिखा कि रामकृपाल मीना ने जिन पांच प्राइवेट लड़कों को पेपर वितरण के लिए लगाया, उनमें से कुछ रीट की परीक्षा भी दे रहे थे। ये शिक्षा संकुल से पेपरों के बंडल लेकर आए थे। जिसमें बड़े बण्डलों के साथ-साथ 10-12 पेपरों के छोटे बंडल भी इन्हें उपलब्ध कराए गए। इन्हें पेपर लीक में काम लिया गया। आपकी जांच में बीकानेर के तुलसाराम कालेर को ब्लूटूथ गैंग का सरगना बताया गया है। उस पर सरकार ने पांच हजार का इनाम घोषित कर रखा है। बत्तीलाल नाम की एक मछली तो पकड़ ली गई लेकिन ब्लूटूथ के सरगना तुलसाराम कालेर को अभी तक नहीं पकड़ा गया। उससे गहन राज खुल सकते हैं।
सबूत मिटाने के हो रहे हैं प्रयास
किरोड़ीलाल मीणा ने लिखा कि प्रदीप पाराशर से प्राथमिकता से पूछताछ की जानी चाहिए। पाराशर और रामकृपाल मीणा मिलकर पेपर लीक के प्रमाण मिटाने में लगे हुए है। किरोड़ीलाल मीणा ने पत्र में यह भी बताया है कि वह आगामी दिनों में कुछ और प्रमाण पेश करेंगे जिससे आपको पेपर लीक प्रकरण की जांच में काफी सहायता मिलेगी। मुझे विश्वास है कि आप मेरी सूचना पर गौर कर विशेष कार्यवाही करवायेंगे।
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